गणेश चतुर्थी के मौके पर बृहस्पतिवार को घर घर में गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। शुभ समय में मूर्ति स्थापना के बाद पूजा अर्चना और भजन आदि कार्यक्रम होंगे।
गणेश चतुर्थी 2018: आज घर-घर विराजेंगे गणपति बप्पा, भाग्य चमकाना है तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान
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इस बार भक्तों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए इको फ्रैंडली बप्पा की खरीददारी की है। पर्यावरण को नुकसान न हो इसके लिए लोगों ने मिट्टी और लकड़ी की प्रतिमाएं खरीदीं हैं। रिद्धि सिद्धि के दाता भगवान श्रीगणेश की स्थापना करने से घर सुख समृद्धि का वास होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष खंडूडी के अनुसार गणेश चतुर्थी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप समाप्त हो जाते है। चतुर्थी को चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस रात्रि को चंद्रमा देखने से झूठा कलंक लगता है। इस दिन चंद्र दर्शन करने से भगवान श्रीकृष्ण को भी मणि चोरी का कलंक लगा था। साथ ही स्थापना स्थल पर पवित्रता का ध्यान रखना जरूरी है। चप्पल, जूते पहनकर कोई स्थापना स्थल तक न जाए, चमड़े का बेल्ट या पर्स रखकर कोई पूजा न करें आदि।
आचार्य संतोष खंडूडी के अनुसार 122 वर्षों बाद गणेश चतुर्थी पर इस बार शुभ संयोग बन रहा है। इस बार चतुर्थी तिथि बुधवार 12 सितंबर शाम 04:08 बजे से शुरू होगी। जोकि 13 सितंबर बृहस्पतिवार दोपहर 02:51 बजे तक रहेगी। चतुर्थी के बृहस्पतिवार को पड़ने से ये महासंयोग बन रहा है। गणेश चतुर्थी पर पूजन के लिए सुबह 11:10 से दोपहर 01:38 बजे तक का शुभ मुहूर्त है। वहीं इस बार गणेश पूजा में राहू दोष से भी मुक्ति मिलेगी।
मूर्ति स्थापना मुहूर्त
12 सितंबर - शाम 4:53 से 6:27 मिनट, दूसरा 7:54 से रात 10:47 मिनट तक
13 सितंबर - सुबह 6:00 से 7:34,
अमृत योग - सुबह 10:40 से 2:51 मिनट तक