करियर को लेकर संजीदा देहरादून की युवती आरती सुबह देहरादून में शादी के फेरों के बाद ससुराल न जाकर सीधे टैक्सी से नैनीताल पहुंची। यहां हाइकोर्ट में स्टेनोग्राफर ग्रेड वन की परीक्षा देकर सोमवार की शाम को हेलीकाप्टर से वापस देहरादून पहुंची तब ससुराल में गृह प्रवेश करके शादी के रिसेप्शन में शामिल हुई। इस दौरान दूल्हे ने भी दुल्हन का पूरा साथ दिया। परीक्षा के दौरान दूल्हा परीक्षा हाल के बाहर बैठा रहा।
करियर के लिए इस बेटी ने दिखाया ऐसा जज्बा कि आप भी कहेंगे वाह...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खास बात यह रही कि वर वधू दोनों ही पक्ष आर्थिक रूप से साधारण परिवार के हैं लेकिन कैरियर के प्रति जुनून के चलते दोनों पक्षों ने अन्य मदों में कटौती करके ढाई लाख रुपये हेलीकाप्टर के खर्च के लिए जुटाए। आरती ने इसी वर्ष डीएवी कालेज से बीए किया है और उसका पति मनीष एक प्राइवेट फर्म में नेटवर्किंग का काम करता है। आरती के पिता शेर सिंह एक साधारण व्यवसायी हैं जबकि मनीष के पिता जीवन काश्तकार हैं।
देहरादून निवासी आरती प्रजापति का विवाह रविवार को देहरादून निवासी मनीष उपाध्याय से हुआ था। सोमवार को सुबह साढ़े चार बजे फेरों के बाद आरती मनीष के साथ ससुराल जाने के बजाय विवाह के ही जोड़े में नैनीताल आ गई। यहां उसने भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय में हाइकोर्ट के स्टेनोग्राफर ग्रेड वन पद के लिए लिखित परीक्षा दी। आरती ने बताया कि वह इससे पहले दो परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुकी है और यह परीक्षा इस प्रतियोगिता की अंतिम परीक्षा थी।
अब तक की हाइरैंक के कारण उसे इसमें चयन की पूरी उम्मीद है। रविवार को विवाह की तिथि महीनों पहले तय थी। शादी स्थल आदि की बुकिंग हो चुकी थी, तभी परीक्षा की तिथि आ गई। विवाह या रिसेप्शन की तारीख बदलने के प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार की सुबह देहरादून में विदाई थी, दोपहर में नैनीताल में परीक्षा और शाम को देहरादून में रिसेप्शन था। ऐसे में पारिवारिक मित्र पत्रकार मोहम्मद ताहिर ने हेलीकाप्टर से वापसी का सुझाव दिया और इसकी पूरी व्यवस्था भी की। ताहिर स्वयं हेलीकाप्टर से सोमवार शाम आरती और मनीष को लेने यहां पहुंचे। बिड़ला विद्या मंदिर के मैदान में हेलीकाप्टर उतारा गया।
हालांकि वापसी में तकनीकी कारणों से तीन लोग साथ नहीं जा पाए तो ताहिर को यहीं रुकना पड़ा और आरती व मनीष दून को रवाना हो गए। आरती व मनीष ने बताया कि उन्होंने कैरियर की खातिर हेलीकाप्टर के ढाई लाख रुपये का खर्च वहन करने का निर्णय लिया। उधर, विवाह समारोह के लिए दूरदराज से आए मित्रों व रिश्तेदारों को भी निराश नहीं कर सकते थे और रिसेप्शन में भी पहुंचना जरूरी था अत: यह रास्ता अपनाया।