{"_id":"63d7df6b5d91c659854e0b5b","slug":"glacier-break-in-chamoli-people-in-fear-and-remembered-horrible-rishiganga-disaster-moment-2023-01-30","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Glacier Break In Chamoli: अनहोनी की आशंका से सहम गए लोग, आंखों के सामने तैर गया ऋषिगंगा आपदा का मंजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Glacier Break In Chamoli: अनहोनी की आशंका से सहम गए लोग, आंखों के सामने तैर गया ऋषिगंगा आपदा का मंजर
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली)
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 30 Jan 2023 08:58 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
चमोली में 2021 आपदा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
उत्तराखंड के चमोली में खराब मौसम के बीच सोमवार सुबह करीब नौ बजे नीती घाटी के मलारी गांव से 200 मीटर की दूरी पर मलारी नाले में ग्लेशियर टूट गया। इसका वीडियो वायरल होने पर निचले क्षेत्रों में रह रहे लोग दहशत में आ गए। करीब पंद्रह मिनट तक क्षेत्र में बर्फ की धुंध छाई रही। हालांकि सुबह दस बजे तक स्थिति सामान्य हो गई तब लोगों ने राहत की सांस ली।
वहीं, मलारी से करीब 15 किमी दूर के एक गांव भलागांव के ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला ने बताया कि बर्फ की यह घटना वर्ष 2021 के ऋषि गंगा में टूटे ग्लेशियर की तरह ही प्रतीत हो रही थी जिससे किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए ग्रामीण दहशत में आ गए लेकिन कुछ देर बाद स्थिति सामान्य होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
2 of 5
चमोली में 2021 आपदा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सात फरवरी 2021 को चमोली में ही ऋषि गंगा की आपदा में 206 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से 88 के शव बरामद किए जा चुके थे। एनटीपीसी के 140 श्रमिकों की भी इस आपदा में मौत हो गई थी, जिसमें कई श्रमिकों के शव परियोजना की टनल में फंसे हुए थे। ऐसे में अब सोमवार को लोगों ने ग्लेशियर टूटने की खबर सुनी तो हर किसी के मन में उस आपदा की काली यादें ताजा हो गईं।
3 of 5
हिमखंड टूटा
- फोटो : अमर उजाला
शीतकाल में नीती घाटी में निवास करने वाले भोटिया जनजाति के ग्रामीण जिले के निचले क्षेत्रों में रहने चले जाते हैं। मलारी गांव के ग्रामीण शीतकाल में जिले के देवलीबगड़ में रहते हैं जबकि मलारी में सैन्य शिविर स्थित है। सोमवार को मलारी गांव के करीब मलारी नाले में बर्फ की धुंध उठती दिखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
हिमखंड टूटा
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि कुंती भंडार नामक स्थान से ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ की धुंध निचले क्षेत्रों में फैल गई। मलारी में रह रहे सैन्य बल के एक सैनिक ने इसे अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया और देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया।
विज्ञापन
5 of 5
हिमखंड टूटा
- फोटो : अमर उजाला
मलारी गांव के धर्मेंद्र सिंह (जो अभी देवलीबगड़ में रह रहे हैं) का कहना है कि मलारी गदेरे में ग्लेशियर टूटने की घटना पहले भी हुई है लेकिन नुकसान कभी नहीं हुआ है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि मलारी नाले में ग्लेशियर आने की सामान्य घटना थी। इससे क्षेत्र में कोई घटना नहीं हुई है। घाटी में स्थिति सामान्य है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।