फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

2013 में केदारनाथ ने सहन किया था दो आपदाओं का दंश, पढ़ें वैज्ञानिकों का नया खुलासा

Sun, 22 Sep 2019 10:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 22 Sep 2019 10:15 AM IST
सार

  • आईआईआरएस के वैज्ञानिकों के मुताबिक 16 जून की रात को आए पानी से तबाह हुआ रामबाड़ा
  • वासुकी ताल से हुए भूस्खलन से झील बनी, इस झील के टूटने से रामबाड़ा का नामों निशान मिटा
  • चोराबाड़ी ताल के टूटने की घटना 17 जून की सुबह हुई, इससे केदारनाथ धाम को नुकसान पहुंचा

विज्ञापन
in 2013 two disaster hit kedarnath scientists told the truth
- फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2013 मेें केदारनाथ को एक नहीं, बल्कि दो आपदाओं का दंश सहन करना पड़ा था। 16 जून की रात को भूस्खलन के कारण केदारनाथ के ऊपरी हिस्से में बनी झील के टूटने के कारण रामबाड़ा तबाह हुआ और 17 जून को चौराबाड़ी ताल में हिमस्खलन होने से ही केदारनाथ में तबाही का मंजर सामने आया था।


 

in 2013 two disaster hit kedarnath scientists told the truth
- फोटो : अमर उजाला

अभी तक यह माना जाता रहा है कि चौराबाड़ी ताल के टूटने के कारण 2013 में केदारनाथ में तबाही हुई और रामबाड़ा का नामोनिशान मिट गया। केदारनाथ आपदा की घटना 17 जून सुबह की बताई जाती है। अब वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एक घटना नहीं, बल्कि दो अलग-अलग घटनाएं थीं, जिनकी वजह से केदारनाथ में तबाही आई और रामाबाड़ा का नामोनिशान मिट गया।
 

in 2013 two disaster hit kedarnath scientists told the truth
- फोटो : फाइल फोटो

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग के अध्ययन के मुताबिक केदारनाथ मेें 15 से लेकर 17 जून 2013 को अप्रत्याशित बारिश हुई। इस बारिश की वजह से 16 जून की रात को वासुकी ताल की ओर से भूस्खलन हुआ। इसकी वजह से केदारनाथ के ऊपर एक झील बन गई थी। यह झील रात में टूटी और इससे रामाबाड़ा पूरी तरह से तबाह हो गया।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
in 2013 two disaster hit kedarnath scientists told the truth
- फोटो : फाइल फोटो

इसके बाद 17 जून की सुबह को केदारनाथ के ऊपरी हिस्से में स्थित चोराबाड़ी ताल में हिमखंड टूटकर गिरा। कुछ बारिश और कुछ बर्फ के पिघलने से ताल में अधिक पानी जमा था। हिमखंड के टूटकर ताल में गिरने से ताल का पानी मलबे के साथ मिलकर केदारनाथ की ओर बढ़ा और तबाही का यह मंजर सामने आया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग के वैज्ञानिकों ने सेटेलाइट से किए गए अध्ययन को हाल ही में सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में आयोजित एक कार्यशाला में प्रस्तुत भी किया था। 
 

विज्ञापन
in 2013 two disaster hit kedarnath scientists told the truth

हिमालय भू विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीपी डोभाल के मुताबिक केदारनाथ में तीन दिन की लगातार बारिश के कारण केदारनाथ की दूध गंगा, मधु गंगा और सरस्वती में भारी पानी आया। रामाबाड़ा संकरी जगह पर था, लिहाजा रामबाड़ा को नुकसान हुआ होगा। केदारनाथ का नुकसान चोराबाड़ी ताल के टूटने से हुआ। 
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed