फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देवभूमि उत्तराखंड में 'कलयुग' में भी मौजूद हैं 'फरिश्ते', तस्वीरें

Tue, 03 Nov 2015 08:21 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 03 Nov 2015 08:21 AM IST
विज्ञापन

देखिए, देवभूमि उत्तराखंड में 'कलयुग' में भी हैं 'फरिश्ते'

laxmi thakur become angel for poor people.

जहां एक ओर गरीबों और बच्चों के शोषण की घटनाएं दिल दहला देती हैं तो वहीं दूसरी और देवभूमि उत्तराखंड में इस 'कलयुग' में कुछ ऐसे फरिश्ते भी हैं जो अपना सबकुछ इनके लिए लगा देते हैं। पिछले पांच साल से गरीबों, अभावग्रस्त लोगों और समाज की मुख्य धारा से कटे बच्चों के लिए काम कर रहीं लक्ष्मी ठाकुर को देखकर तो यही लगता है।

देखिए, देवभूमि उत्तराखंड में 'कलयुग' में भी हैं 'फरिश्ते'

laxmi thakur become angel for poor people.

मूल रूप से हिमाचल की रहने वाली लक्ष्मी ठाकुर ने सेवाकार्य के लिए उत्तराखंड को कर्मभूमि बनाया। वह ऋषिकेश में क्रिएटिव एंड वेलफेयर एसोसिएशन फॉर वूमेन संस्था के जरिये तीर्थनगरी में रहकर जरूरतमंदों की सहायता के साथ ही महिलाओं, बच्चों और युवतियों को सामाजिक परिवेश के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही हैं।

देखिए, देवभूमि उत्तराखंड में 'कलयुग' में भी हैं 'फरिश्ते'

laxmi thakur become angel for poor people.

वह अब तक विभिन्न विद्यालयों में लगभग एक हजार बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहन के लिए कक्षाओं का संचालन, मानदेय पर शिक्षकों की तैनाती, उनमें पढ़ाई के प्रति रुझान पैदा करने के लिए अन्य प्रकार की मदद भी दे चुकी हैं। इससे इतर गांवों से नगर तक करीब आठ सौ से अधिक महिलाओं को स्वावलंबन, कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जागरूकता से जुड़ी महिलाओं, युवाओं को प्रोत्साहन के लिए सम्मानित भी कर चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

देखिए, देवभूमि उत्तराखंड में 'कलयुग' में भी हैं 'फरिश्ते'

laxmi thakur become angel for poor people.

उन्होंने सरोकारों से जुड़ने की पहल स्वयं स्कूली बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देकर की। लक्ष्मी ठाकुर ने गांवों से लेकर शहर तक और मलिन बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक की महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कुरीतियां आदि विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक किया। लक्ष्मी ने बताया कि गरीब, भिक्षु, बाबा लोग सड़कों के किनारे रात बिताते हैं। वह ऐसे ही बेसहारों के लिए ठिकाना बनाना चाहती हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed