यूपी के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी का किस्सा राठी ने अपनी मां राजबाला के जेल से जमानत पर छूटने के बाद ही खत्म करने की ठानी थी, रह रह कर यह सवाल खड़ा हो रहा है।
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मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: सुनील राठी को लेकर उठे इन सवालों ने पुलिस को किया परेशान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:04 AM IST
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कहीं न कहीं उसे इस बात का इल्म रहा होगा कि मुन्ना के कत्ल के बाद यूपी के बाहुबली विधायक माफिया डॉन मुख्तार अंसारी गैंग जेल में उसकी मां को नुकसान न पहुंचा दें, इसलिए उसने पहले अपनी मां का जेल से छूटने तक का इंतजार किया था। इस सवाल को लेकर भी उत्तराखंड पुलिस अपना दिमाग मथ रही है। हालांकि सीधे तौर पर इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
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बागपत की जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या कर देने के आरोपी कुख्यात सुनील राठी के पिछले अट्ठारह साल के प्रोफाइल में एक भी हत्या उसने खुद अपने हाथ से नहीं की है।
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
उसने कत्ल की हर वारदात में मुख्य साजिशकर्ता का रोल अदा किया है। क्योंकि वह खुद 2000 से जेल में ही है। ये सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है कि आखिर सुनील राठी की मुन्ना बजरंगी से क्या दुश्मनी थी जो उसने उसे बेरहमी से कत्ल कर डाला। उत्तराखंड एसटीएफ के सूत्रों की मानें तो मुन्ना की हत्या एकाएक नहीं हुई है।
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
बकायदा इस पर कई माह से होमवर्क चल रहा था। राठी बेहद शातिर अपराधी है और अपने से बड़े कद वाले मुन्ना बजरंगी जैसे हार्डकोर अपराधी की हत्या भला वह यूं ही क्यों करेगा। वह भी सिर्फ नोंकझोंक होने पर, यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है। चर्चा है कि राठी अपनी मां राजबाला को सुरक्षित करने के बाद ही मुन्ना की हत्या करना चाहता था, जिसमें वह कामयाब रहा। हरिद्वार जेल से मां राजबाला के जमानत के रिहा होते ही मुन्ना की कहानी खत्म कर दी गई।