फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बोले स्वामी स्वरूपानंद, किसी को भी शंकराचार्य कहना सनातन धर्म का अपमान

Thu, 25 May 2017 10:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 25 May 2017 10:33 AM IST
विज्ञापन
swami swarupanand sarasvati clear shankaracharya meaning
Shankaracharya - फोटो : amarujala

जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि किसी को भी शंकराचार्य कहना सनातन धर्म का अपमान है। उन्होंने कहा कि जो धर्माचार्य कोर्ट के फैसले का नहीं मानने की बात कहते है उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वे फिर कोर्ट में अपील के लिए क्यों गए। 

swami swarupanand sarasvati clear shankaracharya meaning
स्‍वरूपानंद। - फोटो : अमर उजाला

बुधवार को जोशीमठ रवाना होने से पहले कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने तीन धर्मगुरुओं की ओर से खुद पर लगाए गए आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य किसी के भी बनाने से नहीं बन जाते बल्कि इसके लिए विधिवत परंपरा के अनुसार शंकराचार्य बनाया जाता है।

swami swarupanand sarasvati clear shankaracharya meaning
शंकराचार्यों - फोटो : amarujala

उन्होंने मीडिया को भी इस बात के लिए नसीहत दी कि किसी को भी शंकराचार्य न लिखा जाता है। शंकराचार्य ने कहा कि यह सनातन धर्म का अपमान हैं। उन्होंने दोहराया कि वे किसी से भी शास्त्रार्थ के लिए तैयार हैं। साथ ही कहा कि धर्मगुरुओं का काम धर्म की रक्षा करना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
swami swarupanand sarasvati clear shankaracharya meaning
shankaracharya war

कहा, जो लोग अस्पताल चलाने और अन्य सामाजिक काम करने की बात कहकर अपने को शंकराचार्य बता रहे हैं वे इतने भर से शंकराचार्य नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि इसके लिए अलग मानक है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा भी मध्य प्रदेश में आदिवासियों के बीच अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। बनारस समेत कई स्थानों पर शिक्षा के अध्ययन के साथ ही लोक कल्याण के अनेक काम किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
swami swarupanand sarasvati clear shankaracharya meaning
शंकराचार्य स्वरूपानंद - फोटो : AmarUjala

स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती द्वारा कोर्ट के फैसले को नहीं मानने के बारे में दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय का फैसला नहीं मानना है तो वासुदेवानंद महाराज को स्पष्ट करना चाहिए कि वे फिर कोर्ट में अपील करने क्यों गए। उन्हें पता होना चाहिए कि कोर्ट का फैसला नहीं मानना अपराध होता है। बुधवार को जगद्गुरु शंकराचार्य जोशीमठ के लिए रवाना हो गए। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed