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उत्तराखंड: दूरदर्शन केंद्र में घुसा 20 प्यासे हाथियों का झुंड, इसके बाद क्या हुआ तस्वीरों में देखें

Sat, 30 Jun 2018 09:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार Updated Sat, 30 Jun 2018 09:19 AM IST
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thirsty elephant group enter in kotdwar doordarshan relay kendra
elephant - फोटो : amar ujala

भीषण गर्मी में पानी पीने के लिए लैंसडौन प्रभाग के लालपानी के जंगलों से खोह नदी में उतरे 20 प्यासे हाथियों के झुंड ने ऐसा उत्पात मचाया कि वन विभाग की टीम के पसीन छूट गए। ग्रास्टनगंज और दूरदर्शन रिले केंद्र में जमकर उत्पात मचाया। यहां पेड़ पौधे रौंद डाले। खोह नदी में पानी पीने और बांस की पत्तियों का भोजन करने के बाद हाथी झुंड वापस जंगल में लौट गया। कोटद्वार और लैंसडौन घूमने आए पर्यटक नजदीक से हाथियों के झुंड देखकर रोमांचित हो उठे। हाथियों की झुंड के नदी में आने की सूचना मिलते ही सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग की टीम मौके पर डटी रही।   


 

thirsty elephant group enter in kotdwar doordarshan relay kendra
elephant

सिद्धबली मंदिर के समीप स्थित दूरदर्शन रिले केंद्र में शुक्रवार सुबह तड़के करीब 20 छोटे बड़े हाथियों का झुंड घुस आया। हाथी झुंड ने परिसर की तार-बाड़ को क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर में लगे अमरूद के पेड़ों को तहस-नहस कर दिया। दूरदर्शन रिले केंद्र के कर्मचारी हरज्ञान सिंह ने बताया कि नुकसान की आशंका के चलते उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही कोटद्वार रेंज कार्यालय से डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और हाथियों को जंगल में खदेड़ने के प्रयास शुरू कर दिए। इस दौरान वन कर्मियों ने सायरन बजाने के साथ ही दर्जनों पटाखे भी फोड़े, लेकिन हाथियों का झुंड टस से मस नहीं हुआ।

thirsty elephant group enter in kotdwar doordarshan relay kendra
elephant

करीब दोपहर डेढ़ बजे वन कर्मी झुंड को परिसर से बाहर खदेड़ने में सफल हुए। इसके बाद हाथियों का झुंड सिद्धबली मंदिर और दूरदर्शन रिले केंद्र के आसपास ही मंडरा रहा था। हाथी झुंड को देखकर कोटद्वार और लैंसडौन घूमने आए पर्यटक रोमांचित हो उठे। सिद्धबली मंदिर के दर्शन को पहुंचे कई लोग हाथी झुंड के पास जाकर फोटो खींचने का प्रयास करने लगे, जिन्हें वहां तैनात वनकर्मियों ने रोक लिया। डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह ने बताया कि हाथियों के इस झुंड में 20 हाथी शामिल है, जिसमें छह बच्चे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से वन कर्मियों को तैनात कर झुंड पर नजर रखी जा रही है।

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thirsty elephant group enter in kotdwar doordarshan relay kendra
elephant

बांस की पत्तियां हाथी का प्रिय भोजन है। कोटद्वार ग्रास्टनगंज से लेकर लालपानी के जंगल में बांस की बहुतायत होने के कारण हाथियों की चहलकदमी बनी रहती है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथियों का झुंड इस क्षेत्र में दो दिन से जमा है। बृहस्पतिवार ग्रास्टनगंज गांव में हाथियों ने उत्पात मचाया। जिन्हें वन कर्मियों ने रात में ही जंगल खदेड़ा, लेकिन शुक्रवार सुबह से लेकर शाम तक हाथी झुंड खोह नदी और इसके आसपास ही जमे रहे। 

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