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Dehradun News: श्रमिक मांगों को लेकर बीएमएस का प्रदर्शन, डीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
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देहरादून। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार को श्रमिक हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर देहरादून में आंदोलन किया गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और कर्मचारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
बीएमएस ने ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने और इसे महंगाई भत्ते से जोड़ने की मांग की। साथ ही पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत के दायरे में लाने तथा ईपीएफ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार और ईएसआई की सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग उठाई।
संगठन ने अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन 30 हजार रुपये, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन और रोजगार सुरक्षा देने की मांग की। वेतन भुगतान में अनियमितता करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई तथा आंगनबाड़ी, आशा, मध्याह्न भोजन और एनएचएम सहित योजना कर्मियों के मानदेय व सामाजिक सुरक्षा में वृद्धि की मांग भी रखी गई।
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इसके अलावा ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन के वेतन के आधार पर करने, इसकी अधिकतम सीमा समाप्त करने, सरकारी व सार्वजनिक संस्थानों में रिक्त पद भरने, बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की गई।
आंदोलन में बीएमएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश महिला समन्वयक अर्चना बिष्ट समेत अन्य पदाधिकारी और ओएनजीसी के संविदा कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल रहे।
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बीएमएस ने ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने और इसे महंगाई भत्ते से जोड़ने की मांग की। साथ ही पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत के दायरे में लाने तथा ईपीएफ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार और ईएसआई की सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग उठाई।
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संगठन ने अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन 30 हजार रुपये, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन और रोजगार सुरक्षा देने की मांग की। वेतन भुगतान में अनियमितता करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई तथा आंगनबाड़ी, आशा, मध्याह्न भोजन और एनएचएम सहित योजना कर्मियों के मानदेय व सामाजिक सुरक्षा में वृद्धि की मांग भी रखी गई।
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इसके अलावा ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन के वेतन के आधार पर करने, इसकी अधिकतम सीमा समाप्त करने, सरकारी व सार्वजनिक संस्थानों में रिक्त पद भरने, बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की गई।
आंदोलन में बीएमएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश महिला समन्वयक अर्चना बिष्ट समेत अन्य पदाधिकारी और ओएनजीसी के संविदा कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल रहे।