उत्तराखंड के रुद्रपुर में महिला ने सो रहे पति की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। उसके बाद खुद भी फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। महिला ने पति के गले पर चाकू से भी वार किया। पुलिस ने ससुर की तहरीर पर मृतक बहू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
उत्तराखंड: पत्नी ने सो रहे पति की ईंट से कूंचकर की हत्या, चाकू से भी किए वार फिर खुद लगाई फांसी, तस्वीरें
मृतक के पिता रामभरोसे ने बताया कि सुनील की नौ साल पहले गीता से शादी हुई थी। गीता झगड़ालू स्वभाव की थी। वह झगड़कर अक्सर मायके चली जाती थी। बच्चे भी उसके साथ रहना पसंद नहीं करते थे। वे अपनी दादी के साथ ही रहते और सोते थे। उनका कहना था कि गीता एक साल से मायके ग्राम मधुपुरा थाना स्वार रामपुर में रह रही थी। स्वार थाने में उसने सुनील के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस थाने में समझौता होने के बाद वह रविवार को ससुराल लौटी थी।
रामभरोसे और अन्य लोगों ने पुलिस को बताया कि गीता अकेले सुनील की हत्या नहीं कर सकती है। अंदेशा जताया कि इसमें किसी अन्य की भी मिलीभगत है। उन्होंने महिला के मोबाइल पर रात को एक व्यक्ति की कॉल आने की भी बात कही है। कहा कि कमरे में गीता ने अपने कपड़े और अन्य सामान थैलों में रखा था। उसने घर से जाने की तैयारी कर रखी थी। एसपी क्राइम मिथिलेश सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
मृतक सुनील के दोस्त धर्मेंद्र ने बताया कि मंगलवार की रात जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया था। सुनील ने उसके साथ रात 11 बजे तक प्रभावितों को भोजन कराया था। इसे बाद सुनील घर चला गया था। सुनील सामाजिक कार्यों में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेता था। सुनील और गीता की बेटियां दीक्षा (8), आरुषि (6) और बेटा समर (5) है। घरेलू झगड़े के चलते उनके सिर से अब माता-पिता का साया छिन चुका है।
बेटे की मौत पर रोती-बिलखती दादी के सीने से समर लिपटा था। तीनों बच्चे डरे-सहमे दिखे। रामभरोसे ने बताया कि वह काम करने में असमर्थ हैं, जबकि छोटा बेटा राजू दिव्यांग है। बड़ा बेटा सुनील ही घर का खर्च चलाता था। कहा कि तीन पोता-पोतियों के लालन पालन का जिम्मा भी उन पर आ गया है। रंपुरा में हुई घटना से परिजन स्तब्ध हैं तो मोहल्ले के लोग भी सकते में हैं। उनका कहना था कि परिवार में झगड़ा होना आम बात है, लेकिन उसने पति को खत्म कर खुद भी जान दे दी। अपने तीन मासूम बच्चों की जिंदगी के बारे में नहीं सोचा।