पैदल ट्रेक से दयारा बुग्याल पहुंचने में असमर्थ पर्यटक मोटर पैराग्लाइडिंग से दयारा बुग्याल के साथ हिमालय का दीदार (हवाई दौरा) कर सकेंगे। ग्राम पंचायत नटीण की पहल पर हिमालयन एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन (हासा) ने नटीण गांव में मोटर पैराग्लाइडिंग का सफल परीक्षण किया है जिसके बाद मोटर पैराग्लाइडिंग के मानकों के अनुसार यहां जमीन तलाशने का काम शुरू हो गया है।
Uttarakhand: अब मोटर पैराग्लाइडिंग से कर सकेंगे दयारा बुग्याल का दीदार, तस्वीरें देखकर जाना चाहेंगे यहां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आधे घंटे में पहुंच जाएंगे दयारा
नटीण गांव में बनने वाले मोटर पैराग्लाइडिंग के टेक ऑफ प्वाइंट से पर्यटक मात्र आधे घंटे में उड़ान भरकर दयारा के दीदार के लिए पहुंच जाएंगे। हालांकि पर्यटक दयारा में नहीं उतर पाएंगे वह दयारा का हवाई दौरा कर वापस नटीण गांव ही लौटेंगे। हासा के सचिव विनय सिंह ने बताया कि ईको सेंसिटिव जोन की बंदिशों के चलते पर्यटकों को केवल दयारा बुग्याल का हवाई दौरा कराया जाएगा जिसमें पर्यटक फोटो और वीडियोग्राफी कर सकेंगे।
दूरस्थ गांवों में पहुंचाई जा सकेंगी दवाइयां
हिमालयन एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव विनय सिंह ने बताया कि नटीण गांव में मोटर पैराग्लाइडिंग शुरू होने से कई लाभ होंगे। सड़क से दूर गांवों में निशुल्क दवाइयां के साथ डॉक्टर को पहुंचाने, सर्च एंड रेस्क्यू, पर्यावरण संरक्षण के लिए बीजों का छिड़काव करने एवं यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने का भी काम किया जा सकेगा।
क्या होती है मोटर पैराग्लाइडिंग
मोटर पैराग्लाइडिंग को पावर पैराग्लाइडिंग या पीपीजी के नाम से भी जाना जाता है। सामान्य पैराग्लाइडिंग से इतर इसमें पायलट एक बैक-पैक मोटर (एक पैरामोटर) पीठ पर किसी के जरिये पहनता है। इसके बाद पैराग्लाइडर का उपयोग करके उड़ान भरने में मदद मिलती है। साथ ही बिना किसी मदद के पायलट अकेले स्थिर हवा और समतल जमीन पर लांचिंग कर सकता है। पावर पैराग्लाइडिंग के जरिए 18 हजार फीट की ऊंचाई तक आसानी से उड़ान भरी जा सकती है।
नटीण गांव में मोटर पैराग्लाइडिंग की असीम संभावनाएं हैं। यहां आवश्यक संसाधन जुटाकर मोटर पैराग्लाइडिंग शुरू की जाएगी। इसके लिए लीज पर ली जाने वाली जमीन को खेल मैदान के रूप में विकसित करेंगे जो खाली समय में गांव के लोगों के ही काम आएगी।
- विनय सिंह, सचिव हिमालयन एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन।