दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में उत्तराखंड की मेधा अपनी चमक बिखेर रही है। प्रदेश की तमाम विभूतियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर दुनियाभर में नाम कमाया है। लेकिन पिछले कुछ समय से पूरा देश उत्तराखंड के जांबाजों की काबिलियत का लोहा मान रहा है। तमाम महत्वपूर्ण पदों पर प्रदेश के लोगों की ताजपोशी हो रही है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी के विश्वस्तों में भी इनका स्थान है।
PM मोदी ने माना उत्तराखंड के इन जांबाजों की काबिलियत का लोहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मजबूत इरादे, नेतृत्व क्षमता, कर्मठ और ईमानदार छवि के चलते उत्तराखंडियों ने हमेशा अपनी अलग पहचान बनाई है। इसी कड़ी में नया नाम जुड़ा है रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के नए चीफ अनिल धस्माना और नए सेना प्रमुख बिपिन रावत का। ये दोनों मूलत: पौड़ी जिले के निवासी है। धस्माना और रावत से पहले एनएसए अजीत डोभाल, पीएमओ सचिव भाष्कर खुल्बे, डीजीएमओ ले.ज. एके भट्ट और कोस्ट गार्ड प्रमुख राजेंद्र सिंह राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पद संभाल रहे हैं।
बिपिन रावत, सेना प्रमुख
उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के मूल निवासी ले. जनरल बिपिन रावत को देश का नया सेना प्रमुख बनाया गया है। इनके पिता लक्ष्मण सिंह रावत भी ले. जनरल रहे हैं। बिपिन रावत को अधिक ऊंचाई वाले स्थान पर युद्ध और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों का अनुभव प्राप्त है। वे पूर्वी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर इंफेंट्री बटालियन की कमान भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कश्मीर घाटी में राष्ट्रीय राइफल्स और एक इंफेंट्री डिवीजन की कमान भी संभाली है। बिपिन रावत को एक सितंबर 2016 को सेना का उप प्रमुख बनाया गया था। इससे पहले वे सेना की दक्षिणी कमान के कमांडर थे।
अनिल धस्माना, रॉ चीफ
जयहरीखाल ब्लॉक के तोली गांव निवासी महेशानंद धस्माना के बेटे अनिल धस्माना को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) का नया चीफ बनाया गया है। अनिल धस्माना की शिक्षा-दीक्षा मूल गांव तोली के बाद दिल्ली से हुई। 1981 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी धस्माना को इंदौर के ऑपरेशन बांबे बाजार के बाद एक दबंग अधिकारी के रूप में पहचान मिली। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का बेहद करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है। पिछले काफी समय उन्होंने रॉ के विशेष निदेशक पद पर सेवाएं दीं। उनके ससुराली देहरादून में सुभाष रोड और ओल्ड सर्वे रोड पर रहते हैं।
अजीत डोभाल, एनएसए
20 जनवरी 1945 को घीड़ी बानेलस्यू, पौड़ी गढ़वाल में जन्मे अजीत डोभाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राइट हैंड माना जाता है। अजमेर के मिलिट्री स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने आगरा विवि से अर्थशास्त्र में एमए किया। 1968 बैच के केरल कैडर र्के आईपीएस अधिकारी रहे डोभाल 2005 में आईबी चीफ पद से रिटायर हुए। मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियानों में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया। वह 30 मई 2014 को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने। उनके नेतृत्व में ही म्यांमार के खिलाफ सीमा पार जाकर जवाबी हमला और पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की गई।