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भारत में इस रहस्यमयी बाबा के आश्रम में आती है दुनिया की बड़ी हस्तियां, जानिए आश्रम में हुए चमत्कार

Fri, 29 Dec 2017 01:21 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 29 Dec 2017 01:21 PM IST
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world great personalities come to mysterious ashram of india
Kainchi Dham - फोटो : google

आज अमर उजाला आपको एक ऐसे आश्रम के बारे में बात रहा है जो कई रहस्यों को समेटे हुए है। लेकिन अगर आप इस आश्रम में आने वाली हस्तियों के नाम जान लेंगे तो यहां आने की आपकी चाह और बढ़ जाएगी।


 

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mark

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीम करौली बाबा का जिक्र करते ही यह बाबा और जगह-जगह स्थित उनके आश्रम सुर्खियों में आ गए। उत्तराखंड में नैनीताल के कैंची धाम मंदिर के अलावा विन्ध्याचल में अष्टभुजा पहाड़ी पर भी मार्क जुकरबर्ग के आध्यात्मिक गुरु का आश्रम है। यह अपने आप में रहस्यों को समेटे हुए है।
 

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इस भवन की वर्ष 1924 में स्थापना हुई थी। स्थानीय लोगों द्वारा बताया जाता है कि इसके मालिक भवन को किसी संस्था को देने के लिए बहुत दिनों तक प्रयासरत रहे, लेकिन कोई लेने को तैयार नहीं हो रहा था। मिर्जापुर के प्रमुख व्यवसायी बसंत लाल अग्रहरि ने वर्ष 1924 में लाखों रुपये खर्च कर सिद्ध क्षेत्र अष्टभुजा पहाड़ी पर भवन का निर्माण कराया था। किवदंती है कि उनके भाई हीरालाल अग्रवाल ने वहां वैभव का प्रदर्शन शुरू कर दिया।

 
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pm modi and mark zuckerberg's baba neem karoli
इसके चलते यहां एक यज्ञ के दौरान अंतिम आहुति डालते ही उनके भाई कन्हैया लाल को लकवा मार गया और उनका निधन हो गया। उसके बाद से इस भवन की व्यवस्था परिवार के जिस व्यक्ति ने देखी, उसका व्यक्तिगत नुकसान ही हुआ। इससे परिवार के लोगों में दहशत फैल गई और भवन को किसी धार्मिक संस्था को देने पर विचार किया गया।
 
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neem karoli baba
2004 में मिर्जापुर के व्यापारी श्यामा प्रसाद ने नीम करौली बाबा का जिक्र किया और उनके बेटे माने जाने वाले रिटायर्ड डीएफओ बेटे जी महाराज से बातचीत कर एक ट्रस्ट बना कर भवन उसे सौंप दिया गया। इसके बाद यहां हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करा कर यज्ञ और अखंड रामायण का आयोजन किया गया। तब यहां पानी का अभाव था।

 
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