हर घर तिरंगा के साथ ही रविवार को दिल्ली की सड़कों पर हर सफर में तिरंगा नजर आया। साइकिल, ई रिक्शा, ऑटो, बस और मेट्रो स्टेशन, आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर दिल्ली की सड़कें तिरंगामय दिखीं। सफर में अगर वाहन नहीं मिला तो जश्न मनाने का जुनून रखने वाले पैदल ही निकल पड़े। खासतौर पर लालकिला और आसपास के क्षेत्र में एक-एक फुट की दूरी पर तिरंगा के साथ वाहनों का काफिला पूरे दिन गुजरता रहा। मेट्रो स्टेशन के बाहर बनी आकृतियों के साथ सेल्फी लेने वालों को भीड़ रही तो चांदनी चौक समेत दिल्ली की तमाम गलियां आजादी के जश्न के तिरंगे में लिपटी रहीं।
हर सफर में तिरंगा: आजादी के रंगों से सराबोर हुई दिल्ली, हर घर, हर वाहन और सभी हाथ में नजर आया राष्ट्रीय ध्वज
सड़कों पर चलने वाले ऑटो, बस, दोपहिया, कैब और ई रिक्शा में देश की आजादी के नायकों को तिरंगा के साथ याद करते नजर आए। चांदनी चौक पर आजादी का अमृत महोत्सव पर फूलों से सजे बोर्ड के जरिये संदेश दिया गया। देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व बलिदान देने वालों के बलिदान की कहानी जीवंत होती दिखीं। सफर में तिरंगा को हमसफर बनाने वालों में देशभक्ति का जज्बा कूट कूटकर नजर आया। सभी ने देश के उन वीरों को याद करते हुए तिरंगे के साथ जश्न-ए-आजादी का पैगाम देते दिखे।
छह महीने में कार को कर दिया तिरंगामय
मुंबई से नौ अगस्त को यात्रा पर रवाना हुई बीना शाह ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव उनके लिए बेहद खास है। शनिवार को दिल्ली पहुंचने से पहले कई शहरों से होकर आईं। रास्ते में जो मिला उसे तिरंगा बांटते हुए आजादी के जश्न में सभी को एकसूत्र में पिरोने की कोशिश की। बकौल बीना शाह ने बताया कि देशभक्ति का जज्बा रखने वाले सभी देशवासियों को सलाम है। देश के लिए त्याग करने वालों के लिए इस रैली के जरिये मैंने आजादी के सही मायने बताने की कोशिश की है। लाल किला के बाहर अपनी होंडा सिटी में बैठी बीना शाह ने पिछले छह महीने से अपनी कार में बैज लगाने के साथ इसके ऊपरी हिस्से को भी घूमने के लायक बनाया। ऊपर कमल का फूल है तो आजादी का अमृत महोत्सव का हिस्सा बनने पर गर्व है। देश की आजादी का 75वां वर्ष सभी देशवासियों के लिए खास महत्व है। इस छोटे से प्रयास के जरिये हमने जश्न में कई शहरों में राष्ट्रभक्ति का संदेश देने का मुझे मौका मिला, इससे सुखद कोई और मौका नहीं हो सकता।
ऑटो चालक राजकुमार चड्ढा ने बताया कि पिछले दो दिन से मैं पुरानी दिल्ली इलाके में तिरंगा के साथ घूम रहा हूं। मैं इस दौरान से कमाई नहीं कर रहा हूं क्योंकि मुझे इस काबिल बनाने के लिए देश को आजाद करवाने वाले ही सच्चे सपूत हैं। उनकी याद में मुझे अपनी भावना को व्यक्त करने का मौका मिले, इसे मैं ताउम्र याद रखूंगा।
परिवार के साथ सेल्फी लेने वालों की पूरे दिन रही भीड़
पुरानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर जश्न का माहौल रहा। अमृत महोत्सव पर लोगों ने वीर सेनानियों को अपने अपने तरीके से याद किया। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बीच जश्न मनाने के लिए आजादी के दीवाने हर तरफ नजर आए। 75वीं सालगिरह पर सफर में तिरंगा हो तो फिर क्या जरूरत है हमसफर की। मेट्रो स्टेशन के बाहर खुशिका और दिव्यांशी मारवाह अपनी मम्मी-पापा के साथ आजादी का अमृत महोत्सव का संदेश देती आकृति के साथ सेल्फी लेती नजर आईं। बच्चों ने कहा कि इस जश्न के माहौल में उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। इसी तरह अपने परिवार और दोस्तों के साथ तिरंगा और आजादी का अमृत महोत्सव से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होकर लम्हों को यादगार बनाने के लिए मोबाइल कैमरे में कैद करते नजर आए।