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गोरक्षा दल के सदस्य का बड़ा खुलासा, अकबर को 3 घंटे गाड़ी में घुमाया और पीटा, नहीं ले गए अस्पताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नूंह
Updated Tue, 24 Jul 2018 10:49 AM IST
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Akbar Lynched
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अलवर में कथित गोरक्षकों के हमले में अकबर की मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल उसकी मौत घटनास्थल पर नहीं हुई थी, उसकी मौत घटना से करीब चार घंटे बाद पुलिस हिरासत में हुई थी और पुलिस ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय पीटा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पुलिस उसे तीन घंटे तक अपने कब्जे में रखा और इस दौरान थाने में ही उसकी मौत हो गई। यह दावा किया है अलवर गोरक्षा दल के सदस्य नवल शर्मा ने। इस खुलासे के बाद से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। नवल शर्मा ने बताया कि उसे रात करीब 12.15 बजे सूचना मिली की ग्रामीणों ने एक गोतस्कर को पकड़ा है। इस पर उसने करीब पौने एक बजे रामगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। वह पुलिस थाने पहुंचा और पुलिस को लेकर रात करीब 1 .05 बजे मौके पर पहुंचा तो वहां अकबर नाम का व्यक्ति घायल हालत में पड़ा था।
सीसीटीवी के मुताबिक अकबर नहीं था गाड़ी में
Akbar Lynched
उसकी ऐसी हालत नहीं थी कि उसे हमलावर मरी हालत में छोड़ कर गए हैं। उसे बचाया जा सकता था। रात 1.30 बजे पुलिस उसे और अकबर को लेकर वहां से रवाना हुई, जबकि गायों को एक ऑटो में लोड करवाया गया। शर्मा ने कहा कि वह और अकबर एक ही गाड़ी में थे। पुलिस ने अकबर को गाड़ी में नहलाकर लेटा दिया था, वह दर्द से कराह रहा था। उसे तत्काल अस्पताल ले जाने की बजाय पुलिस इधर-उधर घूमती रही। रात 1.45 बजे पुलिस के ड्राइवर ने अकबर को गाड़ी में ही बुरी तरह पीटा। करीब दो बजे पुलिस उसे और अकबर को लेकर रामगढ़ थाने पहुंची। इसके बाद तीन बजे गायों को गोशाला भेज दिया गया। तब तक अकबर की हालत ठीक थी। इसके बावजूद पुलिस ने उसे अस्पताल नहीं पहुंचाकर थाने में ही रखा।
अस्पताल ले गए तब मर चुका था अकबर
Akbar Lynched
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक गायों को गोशाला छोड़ने के दौरान थाने से दो गाड़ियां रवाना हुई थी। एक में गायें थी, लेकिन दूसरी गाड़ी में अकबर नहीं था। शर्मा का दावा है कि पुलिस ने उसे थाने में ही रख लिया था। रात करीब चार बजे रकबर को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उससे पहले ही उसकी थाने में ही मौत हो चुकी थी। अस्पताल सूत्रों ने यह दावा किया है कि रकबर वहां मृत हालत में लाया गया था।
6 किमी दूरी तय करने में लगे तीन घंटे
नवल शर्मा का कहना है कि घटनास्थल थाने में महज 6 किमी. दूर था, लेकिन पुलिस को यह दूरी तय करने में तीन घंटे लग गए। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल ले जाती तो उसे बचाया जा सकता था। लेकिन ऐसा न कर तीन घंटे तक गाड़ी में ही घुमाती रही और उसे पीटा भी गया।
6 किमी दूरी तय करने में लगे तीन घंटे
नवल शर्मा का कहना है कि घटनास्थल थाने में महज 6 किमी. दूर था, लेकिन पुलिस को यह दूरी तय करने में तीन घंटे लग गए। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल ले जाती तो उसे बचाया जा सकता था। लेकिन ऐसा न कर तीन घंटे तक गाड़ी में ही घुमाती रही और उसे पीटा भी गया।
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पुलिस ने नहलाकर गाड़ी में बैठाया
Akbar Lynched
शर्मा ने कहा कि घटनास्थल पर रकबर खून और मिट्टी से सना पड़ा था। पुलिस को देखकर दो-तीन लोग भाग गए। वहां परमजीत और धर्मेंद्र यादव खड़े मिले, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया। एएसआई और गाड़ी चालक ने रकबर को संभाला और गाड़ी तक लाते-लाते उसे दो-तीन घूसे जड़ दिए। चूंकि रकबर मिट्टी और खून से सना था, तो उसे सीधे गाड़ी में न बैठाकर हिरासत में लिए गए युवकों से पानी मंगवाकर उसे नहलाया गय और फिर गाड़ी में बैठाया।
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टाइम लाइन
Akbar Lynched
अकबर पर हमला- 12.15 बजे रात
पुलिस को सूचना- 12.41 बजे
पुलिस पहुंची- 1.05 बजे
पुलिस घटनास्थल से रवाना- 1.30 बजे
पुलिस ने अकबर को पीटा- 1.45 बजे
पुलिस थाने पहुंची- 2.00 बजे
गायों को गोशाला पहुंचाया- 3.00 बजे
अकबर को अस्पताल पहुंचाया- 4.00 बजे (तब तक मौत हो चुकी थी)
पुलिस को सूचना- 12.41 बजे
पुलिस पहुंची- 1.05 बजे
पुलिस घटनास्थल से रवाना- 1.30 बजे
पुलिस ने अकबर को पीटा- 1.45 बजे
पुलिस थाने पहुंची- 2.00 बजे
गायों को गोशाला पहुंचाया- 3.00 बजे
अकबर को अस्पताल पहुंचाया- 4.00 बजे (तब तक मौत हो चुकी थी)