बुल्ली बाई एप मामले में दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र नीरज बिश्नोई ने मुंबई पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों के लिए पुलिस का मजाक उड़ाया और खुलेआम चुनौती दे दी। आरोपी ने ट्वीट करके मुंबई पुलिस को ‘स्लम बाई पुलिस’ बताया और गलत लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही। ट्विटर पर आरोपी ने स्वीकार किया कि बुल्ली बाई एप उसने बनाया है, मुंबई पुलिस बेकसूर लोगों को जल्द रिहा कर दे।
Bulli Bai Case: मुख्य आरोपी नीरज ने मुंबई पुलिस का उड़ाया मजाक, नवंबर में बना लिया था एप, मांगी अन्य आरोपियों की रिहाई
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला नीरज का परिवार असम के जोरहाट में रहता है। उसके पिता दशरथ बिश्नोई कारोबार के सिलसिले में असम में शिफ्ट हो गए थे। अब उसके परिवार में मां और दो बहनें हैं। कोविड काल में नीरज ने इंजीनियरिंग में दाखिला लिया।
एडमिशन के बाद उसका कॉलेज कोविड की वजह से नहीं खुला। वह घर से ही पढ़ाई कर रहा था। नीरज के परिजनों ने आरोपीप की ऐसी किसी भी हरकत से इनकार किया है। परिवार का कहना है कि कुछ समय पूर्व नीरज एक शादी में राजस्थान गया था। वहां से दिल्ली होते हुए 25 दिसंबर को लौट आया था।
नीरज ने खुलासा किया है कि उसने बुल्ली बाई एप को प्रमोट करने के लिए ट्विटर हैंडल बनाया। इसके बाद 31 दिसंबर को एक और हैंडल बनाकर ट्वीट करना शुरू किया। मामला जब सुर्खियों में आया तो नीरज लगातार खबरों पर नजर रख रहा था। मुंबई पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने ट्वीट कर मुंबई पुलिस पर तंज कसा था।
शुरुआती जांच में नीरज ने खुलासा किया है कि उसने बुल्ली बाई एप को प्रमोट करने के लिए ट्विटर हैंडल बनाया। इसके बाद 31 दिसंबर को एक और ट्वीटर हैंडल बनाकर ट्वीट करना शुरू किया। मामला जब सुर्खियों में आया तो नीरज लगातार खबरों पर नजर रखे हुए था। मुंबई पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने ट्वीट कर मुंबई पुलिस को स्लम बाई पुलिस बताया और गिरफ्तार बेकसूर लोगों को जल्द रिहा करने के लिए कहा।