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मेट्रो अस्पताल में आगः फायर सिलिंडर से तोड़े गए शीशे, अस्पताल का 2017 के बाद नहीं हुआ लाइसेंस रिन्यू

Fri, 08 Feb 2019 04:36 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 08 Feb 2019 04:36 PM IST
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fire in metro heart hospital its license was renewed in 2017 glass was broken by fire cylinder
metro hospital fire - फोटो : लाल सिंह

हादसे के बाद मेट्रो अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आई है। मेट्रो अस्पताल प्रबंधन ने वर्ष 2017 से अग्निशमन विभाग से लाइसेंस ही रिन्यू नहीं कराया था। जबकि यह नवीनीकरण हर वर्ष कराना अनिवार्य होता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि वर्ष 2017 के बाद से लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया गया है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजा जाएगा।

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metro hospital fire - फोटो : लाल सिंह

वहीं, अस्पताल में स्मोक प्रेशराइज सिस्टम भी नहीं था। अगर लग जाए तो इसे खोल देने पर धुआं आसानी से बाहर निकलता है। इससे दम घुटने से लोग बच सकते हैं। अगर अस्पताल में यह सिस्टम होता तो आसानी से बचाव हो सकता था। विभाग सभी पहलुओं पर जांच कर रहा है। इसके अलावा हौजपाइप को देखा जाएगा। बड़ी इमारतों में हौज पाइप लगा होता है। आग लगने की घटना के बाद दमकल हौजपाइप को दमकल से जोड़ती है, लेकिन अधिकतर इमारतों में हौज पाइप का रखरखाव ठीक नहीं है। मेट्रो अस्पताल में भी आग से बचाव के उपकरण बेकार ही थे। उधर, प्राधिकरण में अस्पताल में लगी आग के लिए सेक्टर-5 की पानी की टंकी से फायर टैंकरों को पानी उपलब्ध कराना पड़ा।

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metro hospital fire - फोटो : लाल सिंह

फायर सिलेंडर से तोड़ रहे थे शीशा
मेट्रो अस्पताल के अंदर फायर फाइटिंग सिस्टम अच्छे से काम नहीं कर रहा था। अग्निशमन विभाग इसकी जांच कर रहा है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों ंके मुताबिक अस्पताल के अंदर फायर सिलेंडर खाली पड़े थे। अस्पताल में फंसे लोगों इन खाली सिलेंडरों से अस्पताल के शीशे तोड़े। अन्य अग्निशमन उपकरण भी काम नहीं कर रहे थे।

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metro hospital fire - फोटो : अमर उजाला

90 फीसदी औद्योगिक इमारतें भी असुरक्षित
नोएडा की औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही बरती जा रही है। नोएडा की कंपनियों में अग्निसुरक्षा उपायों की जांच शुरू की गई। अग्निशमन विभाग की मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ व नोएडा की टीमें लगातार नोएडा की कंपनियों व फैक्ट्री की जांच कर रही हैं। इसमें अधिकतर औद्योगिक इकाईयों में खामियां मिल रही हैं। इन्हें विभाग नोटिस भेजेगा।

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metro hospital fire - फोटो : लाल सिंह

आग लगने के हुए बड़े मामले
13 जनवरी 2018 - सेक्टर-9 स्थित लकड़ी के गोदाम में लगी आग। 20 घंटे बाद अग्निशमन विभाग ने किया काबू।
06 सितंबर 2017 -  सेक्टर-68 स्थित हल्दीराम की फैक्ट्री में लगी आग। तीन दिन बाद काबू को काबू करने में मिली सफलता। एक माह बाद मलबे में मिला एक कर्मचारी का शव।
18 मई 2017-  सेक्टर-18 स्थित मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट में लगी आग। नजदीक के इंडसइंड एटीएम से शुरू हुई थी आग।
17 मई 2017 - ग्रेटर नोएडा ईको टेक स्थित फोम फैक्ट्री में लगी आग। दूसरे दिन पाया जा सका काबू।
10 मई 2017 -  ग्रेटर नोएडा स्थि ईपैक कंपनी में भयंकर आग लगने से मची अफरातफरी।
19  अप्रैल 2017 - सेक्टर-11 की तीन मंजिला एक्सेल ग्रीन टेक कंपनी में आग से मालिक व युवती समेत छह की मौत।

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