{"_id":"5ae9b19c4f1c1b3c0a8b78cb","slug":"fourteen-live-round-worm-took-out-from-bile-duct-of-a-woman-in-delhi-by-doctors","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"महिला को बार-बार होता था पीलिया, जब सीटी स्कैन के बाद हुआ ऑपरेशन तो निकले 20 मीटर लंबे...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला को बार-बार होता था पीलिया, जब सीटी स्कैन के बाद हुआ ऑपरेशन तो निकले 20 मीटर लंबे...
Thu, 03 May 2018 10:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 03 May 2018 10:13 AM IST
विज्ञापन
1 of 4
sunita
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
दिल्ली की एक महिला बार-बार पीलिया होने से बहुत परेशान थी। वह सिटी स्कैन कराने डॉक्टर के पास गई जिसके बाद उसका ऑपरेशन भी हुआ फिर उसके पित्त वाहिक से कुछ ऐसा निकला जिसे देखकर आपको घिन्न भी आ सकती है।
2 of 4
sunita
- फोटो : अमर उजाला
क्या आपने कभी गोल कृमी के बारे में सुना है। चिकित्सीय जगत में इसे राउंड वार्म भी कहते हैं। आमतौर पर मिट्टी या त्वचा के जरिए यह मनुष्य की आंत तक पहुंचते हैं और धीरे धीरे शरीर के अंदर अपनी संख्या कई गुना ज्यादा कर लेते हैं। बाहर से दिखने में ये एक तरह के केंचुल समान दिखाई देते हैं। दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ऐसी ही महिला की जान बचाई है, जिसकी पित्त वाहिका में 14 गोल कृमी जिंदा अवस्था में पाए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर आंत में कई केस इस तरह के सामने आते हैं। लेकिन पित्त वाहिका तक पहुंचने के मामले बहुत कम हैं।
3 of 4
sunita
अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद खुराना ने बताया कि कुछ वक्त पहले 38 वर्षीय महिला सुनीता पेट में दर्द की तकलीफ को लेकर अस्पताल आईं थीं। उन्हें बार बार पीलिया की शिकायत भी थी। सीटी स्कैन किया गया तो देखने को मिला कि सुनीता की पित्त वाहिक (बाइल डक्ट जो लिवर को आंतों से जोड़ती है) में कृमियों की मौजूदगी का पता चला। तब मरीज की एंडोस्कोपिक प्रक्रिया (ईआरसीपी) की गई जिससे वाहिका में कई गोल कृमियों का पता चला, हर कृमि का आकार करीब 15 से 20 से.मी. था। उन्होंने बताया कि आंतों में कृमियों का पाया जाना आम है लेकिन बाइल डक्ट में ये अमूमन नहीं पाए जाते। भारत में कृमियों के मामले आम हैं क्योंकि डीवर्मिंग के लिए दवाएं लेना आम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
डेमो
- फोटो : डेमो
उन्होंने बताया कि बहुत कम ऐसा होता है कि कृमी पित्त वाहिका में प्रवेश करते हैं जिसकी वजह से दर्द, बुखार और पीलिया (जॉन्डिस) की समस्या पैदा होती है। कुछ मामलों में वाहिका के अंदर दो से तीन गोल कृमियों की मौजूदगी देखी गई है। लेकिन 14 एकसाथ पहली बार देखने को मिले हैं। उन्होंने ये भी बताया कि लंबी चर्चा के बाद मरीज का बगैर सर्जरी एंडोस्कोपी की मदद से कृमियों को बाहर निकाला गया। बहरहाल मरीज को अब पेट में दर्द की तकलीफ के साथ अन्य परेशानियां धीरे धीरे कम हो रही हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।