टोक्यो ओलंपिक में बुलंदशहर के सतीश ने जमैका के रिकार्डो ब्रॉउन को शिकस्त दे दी है। इसके साथ ही अब वह क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से उनका परिवार बेहद उत्साहित है और उन्हें उम्मीद है कि उनका लाल शहर ही नहीं पदक जीतकर पूरे देश का नाम रोशन करेगा। सिर्फ सतीश ही नहीं टोक्यो ओलंपिक में बुलंदशहर के लाल अरविंद भी पहुंचे हैं। हालांकि वह पदक जीतने से वंचित रह गए लेकिन उन्होंने जो सफलता हासिल की है वह इतिहास में दर्ज हो गई है।
ओलंपिक में बुलंदशहर के लाल: बॉक्सर सतीश ने क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह, पदक से चूके फिर भी अरविंद ने रचा इतिहास
अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग खिलाड़ी शांति स्वरूप ने बताया कि अरविंद की जोड़ी ने देश और जिले को बड़ी उपलब्धि दिलाई है। आज तक विश्व रैंकिंग तक इंडिया की कोई भी जोड़ी नहीं पहुंच सकी है। आगे पढ़ें दोनों परिवारों का अपने बेटों की उपलब्धि पर क्या कहना है...
विश्व रैंकिंग के लिए स्पर्धा में उतरेगी अरविंद की जोड़ी
अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग खिलाड़ी शांति स्वरूप ने बताया कि दुनियाभर के खिलाड़ियों के बीच अरविंद और अर्जुनलाल का प्रदर्शन शानदार रहा। दोनों और मेहनत करेंगे और आगामी ओलंपिक के लिए मजबूती के साथ वापसी करेंगे। इंडिया की यह पहली जोड़ी है जो सेमीफाइनल तक पहुंची है। ओलंपिक में अब तक हुई तीनों स्पर्धा में अरविंद की जोड़ी ने काफी प्रयास किया। अब विश्व रैंकिंग में छाने के लिए अरविंद की जोड़ी एक बार और स्पर्धा में उतरेगी। उम्मीद है विश्व रैंकिंग स्पर्धा में काफी सुधार देखने को मिलेगा। इसके बाद कामनवेल्थ होने हैं, जिसमें इन्हें इसका फायदा मिलेगा।
बॉक्सिंग में आज सतीश का पहला मुकाबला
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव पचौता निवासी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर सतीश यादव ने टोक्यो ओलंपिक में गुरुवार को पहला मुकाबला जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बना ली है। जनपदवासियों को अब स्पर्धा में बचे जिले के एकमात्र खिलाड़ी से पदक की उम्मीद लगी हुई है। हालांकि वह इस पदक के मजबूत दावेदार भी हैं। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर सतीश यादव ओलंपिक में पहली बार 29 जुलाई को मुक्केबाजी की सुपर हैवीवेट कैटेगरी में 91 किग्रा से अधिक भार वर्ग में पदक की दावेदारी के लिए उतरे। इससे पूर्व सतीश यादव कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का परचम लहरा चुके हैं।
2014 में इचिओन एशियन गेम्स में कांस्य पदक, 2015 में बैंकाक में हुई एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक, 2018 कामनवेल्थ गेम्स में रजत पदक और 2019 में बैंकाक में हुई एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। हाल ही में चोट लगने के कारण जर्मनी में हुए कोलोगन बॉक्सिंग वर्ल्डकप में गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए और मैच न होने के कारण सिल्वर मेडल प्राप्त किया।
अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं सतीश यादव
देश विदेश में बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने और विदेशी धरती पर तिरंगा फहराने पर बॉक्सर सतीश यादव को भारत सरकार ने अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। वर्ष 2018 में कॉमन वेल्थ खेलों में सिल्वर मेडल जीतने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।