सब्सक्राइब करें

रबीना-संगीता का दर्द: मेरे अपने चले गए छोड़कर.. अब जीकर क्या करना, गोकुलपुरी अग्निकांड ने पीएम मोदी को भी झकझोर दिया

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 13 Mar 2022 03:32 AM IST
विज्ञापन
gokulpuri fire accident Jhuggi basti Me lagi aag More Than 60 Huts Burnt 7 Dead
gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला

गांव जाने के लिए यदि दो दिन पहले की टिकट होती तो आज मेरा भाई, बहन, भाभी और भतीजा जिंदा होता। लेकिन, अनहोनी ने मेरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मेरे अपने चले गए, मुझे छोड़ गए...मुझे भी अब जीकर क्या करना है। गोकुलपुरी आग की घटना में अपने परिवार को खोने वाली रज्जन की दोनों बेटियां रबीना और संगीता यह कहते हुए बार-बार बेहोश हो रही हैं। उनको अपने परिवार के खोने का मलाल था।



मृतकों के परिजनों ने बताया कि होली को लेकर घर में तैयारियां चल रही थीं। परिवार का मन इस बार की होली उन्नाव स्थित फाजिलपुर गांव में जाकर ही मनाने को लेकर था। इसे लेकर सप्ताह भर से भाई-बहन अपने बच्चों और माता-पिता के लिए कपड़े समेत अन्य चीजों की खरीदारी भी कर रहे थे। रोज गांव में रहने वाले अन्य परिजनों से जल्द ही पहुंचने को लेकर चर्चा भी होती थी। त्योहार को लेकर घर में खुशियों को माहौल था, लेकिन एक आग ने सभी की खुशियों को जलाकर राख कर दिया। किसी को नही पता था कि यह रात पूरे परिवार के लिए काली रात साबित होगी और एक ही रात में पूरा परिवार उजड़ जाएगा।

Trending Videos
gokulpuri fire accident Jhuggi basti Me lagi aag More Than 60 Huts Burnt 7 Dead
gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला

रज्जन के परिवार में पत्नी मुन्नी देवी के अलावा तीन बेटे बबलू, सुजीत और रंजीत और चार बेटियां रीमा, रबीना, संगीता और रेशमा थे। रज्जन कभी-कभार छोटा-मोटा काम कर लेता था। वहीं बबलू छोटा-मोटा करता था। रंजीत 11वीं कक्षा का छात्र था। वहीं रेशमा ने नौंवी कक्षा पास करके पढ़ाई छोड़ दी थी। पांच-छह माह पूर्व सुजीत ने प्रियंका से प्रेम विवाह हुआ था। फिलहाल प्रियंका चार माह की गर्भवती थी। अब परिवार के एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरा का पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
gokulpuri fire accident Jhuggi basti Me lagi aag More Than 60 Huts Burnt 7 Dead
gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
मजबूरी में करानी पड़ी थी रविवार की टिकट 

परिजनों ने बताया कि गांव में बबलू की पत्नी नीलम और एक बेटा अंकुश है। बबलू प्रतिदिन कभी वीडियो कॉल तो कभी फोन कॉल के माध्यम से अपने परिवार का हाल लेता था और अक्सर जल्द से जल्द उनके पास पहुंचने की बात करता रहता था। परिजनों का कहना है कि नीलम की तबियत ठीक नहीं रहती थी। यही वजह थी कि गांव पहुंचने के लिए बबलू जल्द से जल्द टिकट कराना चाहता था। लेकिन, नियती को कुछ और ही मंजूर था। ऐसे में मजबूरी में बबलू को रविवार का दिन चुनना पड़ा था। गांव जाने के लिए बबूल ने अपने सभी छह भाई-बहनों, बेटे और माता-पिता की टिकट बुक करा दी थी। 


 
gokulpuri fire accident Jhuggi basti Me lagi aag More Than 60 Huts Burnt 7 Dead
gokulpuri fire accident - फोटो : अमर उजाला
बबलू के सिर थी अधिक जिम्मेदारी

बबलू की बहन रबीना ने बताया कि परिवार में माता-पिता के बाद बबलू सबसे बड़ा था। ऐसे में सभी भाई-बहन बड़े भाई का कहना ही माना करते थे। वहीं, बबलू भी बड़े होने की जिम्मेदारी खूब निभाता था। परिवार में छोटे भाई-बहन की जिद पूरी करना हो या फिर बड़ो का समझाना, यह सभी काम बबलू करता था। यही वजह थी कि छोटे भाई-बहनों के बाद भी परिवार में बबलू सभी का चहेता था।   

विज्ञापन
gokulpuri fire accident Jhuggi basti Me lagi aag More Than 60 Huts Burnt 7 Dead
प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी। - फोटो : ANI

हृदयविदारक है गोकुलपुरी में हुआ हादसा
अग्निकांड पर दुख जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के गोकुलपुरी में अग्निकांड से हुआ हादसा हृदयविदारक है। इस हादसे में जिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed