गांव जाने के लिए यदि दो दिन पहले की टिकट होती तो आज मेरा भाई, बहन, भाभी और भतीजा जिंदा होता। लेकिन, अनहोनी ने मेरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मेरे अपने चले गए, मुझे छोड़ गए...मुझे भी अब जीकर क्या करना है। गोकुलपुरी आग की घटना में अपने परिवार को खोने वाली रज्जन की दोनों बेटियां रबीना और संगीता यह कहते हुए बार-बार बेहोश हो रही हैं। उनको अपने परिवार के खोने का मलाल था।
रबीना-संगीता का दर्द: मेरे अपने चले गए छोड़कर.. अब जीकर क्या करना, गोकुलपुरी अग्निकांड ने पीएम मोदी को भी झकझोर दिया
रज्जन के परिवार में पत्नी मुन्नी देवी के अलावा तीन बेटे बबलू, सुजीत और रंजीत और चार बेटियां रीमा, रबीना, संगीता और रेशमा थे। रज्जन कभी-कभार छोटा-मोटा काम कर लेता था। वहीं बबलू छोटा-मोटा करता था। रंजीत 11वीं कक्षा का छात्र था। वहीं रेशमा ने नौंवी कक्षा पास करके पढ़ाई छोड़ दी थी। पांच-छह माह पूर्व सुजीत ने प्रियंका से प्रेम विवाह हुआ था। फिलहाल प्रियंका चार माह की गर्भवती थी। अब परिवार के एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरा का पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया है।
परिजनों ने बताया कि गांव में बबलू की पत्नी नीलम और एक बेटा अंकुश है। बबलू प्रतिदिन कभी वीडियो कॉल तो कभी फोन कॉल के माध्यम से अपने परिवार का हाल लेता था और अक्सर जल्द से जल्द उनके पास पहुंचने की बात करता रहता था। परिजनों का कहना है कि नीलम की तबियत ठीक नहीं रहती थी। यही वजह थी कि गांव पहुंचने के लिए बबलू जल्द से जल्द टिकट कराना चाहता था। लेकिन, नियती को कुछ और ही मंजूर था। ऐसे में मजबूरी में बबलू को रविवार का दिन चुनना पड़ा था। गांव जाने के लिए बबूल ने अपने सभी छह भाई-बहनों, बेटे और माता-पिता की टिकट बुक करा दी थी।
बबलू की बहन रबीना ने बताया कि परिवार में माता-पिता के बाद बबलू सबसे बड़ा था। ऐसे में सभी भाई-बहन बड़े भाई का कहना ही माना करते थे। वहीं, बबलू भी बड़े होने की जिम्मेदारी खूब निभाता था। परिवार में छोटे भाई-बहन की जिद पूरी करना हो या फिर बड़ो का समझाना, यह सभी काम बबलू करता था। यही वजह थी कि छोटे भाई-बहनों के बाद भी परिवार में बबलू सभी का चहेता था।
हृदयविदारक है गोकुलपुरी में हुआ हादसा
अग्निकांड पर दुख जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के गोकुलपुरी में अग्निकांड से हुआ हादसा हृदयविदारक है। इस हादसे में जिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।