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हैरान ना हों, सच यही है: जिस जिले में हुई डीएसपी की हत्या, वहां खनन विभाग का कार्यालय ही नहीं, एक बात ये भी
मयंक तिवारी, गुरुग्राम।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 22 Jul 2022 07:06 AM IST
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Dsp Surendra Singh Murder
- फोटो : अमर उजाला
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जिस जिले में खनन माफिया ने डीएसपी की कुचल कर हत्या कर दी, वहां खनन विभाग का कोई कार्यालय ही नहीं है। नूंह का खनन अधिकारी गुरुग्राम में बैठता है। इस पर भी खास बात यह है कि गुरुग्राम और नूंह जिले में खनन रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ तीन इंस्पेक्टरों के भरोसे है। इनमें भी दो इंस्पेक्टर अनुबंध के आधार पर डीसी रेट के हिसाब से भर्ती किए गए हैं। यही कारण है कि 20 साल पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बंद हुए खनन को रोक पाने में विभाग पूरी तरह से नाकाम है।
घटना के बाद से ही गुरुग्राम के खनन कार्यालय में कार्यरत अधिकारी नूंह में डेरा जमाए हुए हैं। विभाग में कर्मचारी कम होने के कारण उच्चाधिकारी व कर्मचारी नोटिस व एफआईआर दर्ज कराकर काम चला रहे हैं। खनन विभाग की ओर से इंस्पेक्टर के खाली 8 पदों को भरने के लिए कई बार मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन अब तक निरीक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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Dsp Surendra Singh Murder
- फोटो : ANI
विभाग की ओर से दो इंस्पेक्टरों को अनुबंध के आधार पर रखा गया है, जिनकी हर साल मंजूरी लेनी होती है। सरकारी स्तर पर सिर्फ एक ही इंस्पेक्टर इस विभाग में तैनात है। ऐसे में खनन की सूचना पर विभाग की टीम जब तक मौके पर पहुंचती है तब तक आरोपी फरार हो जाते हैं। वजह यह है कि इतने कर्मचारी ही नहीं हैं, जो सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंच सकें। इसके बाद तो खनन विभाग की ओर से थाने में एफआईआर दर्ज करा खानापूर्ति कर दी जाती है।
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Dsp Surendra Singh Murder
- फोटो : ANI
नूंह के एक दर्जन से अधिक गांव हैं,जो खनन विभाग के रडार पर हैं। खनन विभाग की टीम मौके पर जाती है और लोग गांव में ही दुबक जाते हैं।
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खनन
- फोटो : अमर उजाला
गांव के भीतर किसी की जाने की हिम्मत नहीं होती है। जो गांव रडार पर है उसमें रेहना, धुलावट, पंचगाव, सलाका, मलाका, चहलका, बड़कालमूद्दीन, खानपुर, मरोला, पल्ला, टपकड़, बरका, बसई, सीलखोर, मेवली आदि शामिल हैं।
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खनन
- फोटो : अमर उजाला
विभाग की ओर से अवैध खनन रोकने के लिए सघन जांच की जाती है। स्टाफ की कमी के कारण त्वरित और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। खाली पदों पर नियुक्ति को लेकर समय-समय पर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही यहां कुछ नए इंस्पेक्टर तैनात किए जाएंगे। - अनिल कुमार अटवाल, जिला खनन अधिकारी, गुरुग्राम।
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