फरीदाबाद में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जिस मां ने बेटे को नौ महीने कोख में रखा, जिस पिता की उंगली पकड़ उसने चलना सीखा, उसी औलाद ने जन्म देने वाले माता-पिता को ऐसी दर्दनाक मौत दी इलाके के लोग सिहर उठे। हत्यारे बेटे ने दोनों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान बीर सिंह (70) और चंपा (62) के रूप में हुई है। बीर सिंह भारत कॉलोनी के हुनमान नगर स्थित गली नंबर पांच में रह रहे थे। वो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के एक सेवानिवृत कर्मचारी थे। नशे में चूर बेटे से घर के मुख्य द्वार में ताला लगाने को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि बेटे ने घर में रखी कैंची से शरीर के कई हिस्सों पर वार करके दोनों की हत्या कर दी।
कातिल औलाद: जिस मां ने जन्म दिया और बाप ने चलना सिखाया, उनको दौड़ा-दौड़ाकर कैंची से गोद डाला, रुला देगी चश्मदीद की जुबानी
शोर सुनकर नींद से उठे किरायेदार ने पहले पड़ोसियों को हत्या की जानकारी दी। इसके बाद सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। आरोपी बेटे का नाम जितेंद्र उर्फ जीतू (38) है। मृतक दंपत्ति के दामाद व बेटियों की शिकायत पर खेड़ीपुल थाना की पुलिस ने हत्या का मामला दर्जकर जितेंद्र की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मृतक के छोटे भाई व अन्य परिजनों ने बताया कि बीर सिंह मूलरूप से पलवल के करीमपुर बर्रे के रहने वाले थे। वह एचएसवीपी के सेवानिवृत कर्मचारी थे। उन्होंने गुरुग्राम में चार साल तक एचएसवीपी में ड्यूबवेल ऑपरेटर के रूप में नौकरी थी। उससे पहले वह फरीदाबाद में थे। गुरुग्राम से वह सेवानिवृत हुए थे। हनुमान नगर में मकान बनाने के बाद वह करीब 25 साल से यहीं रह रहे थे। बीर सिंह की तीन बेटियां और एक बेटा है। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है।
जितेंद्र की शादी संजय कॉलोनी में करीब 15 साल पहले हुई थी। लेकिन करीब आठ साल पहले पत्नी से तलाक हो गया। बीर सिंह अपनी पत्नी चंपा और बेटे जितेंद्र के साथ यहीं रहते थे। जितेंद्र खुद का ऑटो चलाता था। पड़ोसियों के अनुसार जितेंद्र नशा करने का आदी था। वह स्मैक, गांजा के साथ ही अक्सर शराब भी पीता था। वह अपने माता-पिता से रोज लड़ता था। उनके साथ मारपीट भी करता था।
बृहस्पतिवार-शुक्रवार रात करीब एक बजे के बाद जितेंद्र से घर के मुख्य द्वार पर ताला लगाने व अन्य बात को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि जितेंद्र ने घर में रखी कैंची से गोदकर दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों को एक कमरे में बंदकर मौके से फरार हो गया।