अमेरिका के फ्लोरिडा में विमान हादसे की शिकार 19 वर्ष की निशा सेजवाल का बस एक ही ख्वाब था कि वह जल्द से जल्द पायलट बन जाए। उड़ान के लिए जुनूनी निशा को क्या मालूम था कि पायलट बनने का उसका ख्वाब तब दम तोड़ेगा, जब वह मुकम्मल पायलट बनने के लिए सिर्फ एक कदम की दूरी पर होगी।
पायलट बनने के लिए सिर्फ एक कदम दूर थी निशा, अमेरिका के फ्लोरिडा में विमान हादसे का हुई शिकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मृतक निशा की चचेरी बहन स्नेहा सेजवाल उसे याद करते हुए कहती हैं कि निशा बेहद महत्वाकांक्षी थी। पायलट बनना ही निशा का ख्वाब था। वह उड़ान भरने के लिए जरूरी कमर्शियल लाइसेंस हासिल करना चाह रही थी। लाइसेंस हासिल करने के लिए यह उसकी आखिरी परीक्षण उड़ान थी। इसी वर्ष अप्रैल में उसे प्राइवेट फ्लाइंग लाइसेंस हासिल हुआ था।
यकीन नहीं हुआ फ्लाइट में थी निशा
स्नेहा ने बताया कि उसने निशा से 6 जुलाई को बात की थी। निशा फरवरी में 15 दिन दिल्ली में थी। वह घर में ही शादी के कार्यक्रम में आई थी। यहीं उसकी आखिरी मुलाकात थी। निशा डांस और मजाक करने वाले लोगों को पसंद करती थी। स्नेहा ने कहा कि उसने अपने एक घर के ही सदस्य से इस हादसे के बारे में सुना। उसे बिल्कुल भी यकीन नहीं हुआ कि उस फ्लाइट में निशा रही होगी।
निशा ने बीते वर्ष दिसंबर में अपनी फेसबुक पोस्ट पर पायलट हैशटेग के साथ लिखा था कि भविष्य को आंकने का सबसे बेहतर तरीका है कि उसे हकीकत में बदल दिया जाए। दूसरी पोस्ट में लिखा कि ऊंचाई पर जाना ही मेरा पेशा है। इस वर्ष 11 जून को फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि मुझे एक बार भी याद नहीं आता कि मेरे माता-पिता ने कभी मेरी चाहत के उलट यह कहा हो कि यह न करो।
वीजा मिलने में हुई थी देरी
यूसुफ सराय में डीएवी मॉडल स्कूल की शिक्षिका चारु सिंह भल्ला निशा को याद करके कहती हैं कि वह मेरी प्रिय शिष्याओं में एक थी। बीते वर्ष उसे अमेरिका का वीजा मिलने में देरी हुई थी, लेकिन वह अपने कोर्स और ख्वाब को पूरा करने के लिए समर्पित थी। भारत में यह बहुत ही बड़ी चीज है कि कोई माता-पिता अपने बच्चे को विदेश में शिक्षा के लिए भेजें।
निशा ने दसवीं के बाद साकेत में एमाइटी इंटरनेशनल स्कूल से शिक्षा ली थी। बीते वर्ष ही सितंबर में अमेरिका के फ्लोरिडा में डीन इंटरनेशनल फ्लाइंग स्कूल में दाखिल लिया था। निशा के घर में दो चचेरे भाई-बहन वीरेंद्र और प्रीति भी पायलट हैं। इन लोगों ने भी फ्लोरिडा के ही स्कूल से पायलट का प्रशिक्षण लिया था।
माता-पिता नहीं जा सके फ्लोरिडा
स्नेहा ने बताया कि निशा के माता-पिता फ्लोरिडा नहीं जा सके। वे निशा की खबर सुनकर बुरी तरह टूट चुके थे। उसके चाचा प्रक्रिया पूरी करने के लिए फ्लोरिडा गए। निशा का परिवार इस छुट्टियां फ्लोरिडा जाने की सोच रहा था, लेकिन वीजा रद्द होने के कारण प्लान कैंसल हो गया। निशा की बड़ी बहन पत्राचार के जरिये परास्नातक का कोर्स कर रही है, छोटा भाई 12वीं की कक्षा में है। निशा के पिता के पास अमूल की डीलरशिप है और मां घरेलू है।
नोटः सभी फोटाज फेसबुक से ली गई है।