यूपी में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद ही उन्हें लेकर कई विवाद सामने आ रहे हैं लेकिन फिलहाल यूपी के एक आईपीएस ऑफिसर ने पुलिस महकमे में हो रहे तबादलों को लेकर एक गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि बाद में उन्होंने ट्वीट से हड़कंप मचने के बाद अपना ट्वीट हटा दिया।
IPS अधिकारी ने लगाया योगी सरकार पर आरोप, जाति विशेष को बना रहे निशाना
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भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हिमांशु कुमार ने ट्वीट कर कहा है कि यूपी में पुलिस महकमे में हो रहे ट्रांसफर में एक जाति विशेष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि उनके इस ट्वीट पर जब हंगामा तेज हो गया तो उन्होंने दोबारा ट्वीट कर सफाई दी है कि उनके ट्वीट का गलत मतलब निकाला गया है।
बता दें कि इससे पहले सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार शाम गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों और पुलिस चौकियों पर तैनात 66 सिपाहियों पर गाज गिरी। इनमें से नोएडा में तैनात 36 सिपाहियों को ग्रेटर नोएडा के थानों और चौकियों पर ट्रांसफर कर दिया गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा के 30 सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है।
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने मंगलवार शाम जारी आदेश में ये तबादले किए। आदेश में उन्होंने कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए तत्काल प्रभाव से आदेश लागू करने को कहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहले मेरठ पुलिस ने अपने यहां तैनात 100 से ज्यादा सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया था। इन सिपाहियों पर दुकानदारों व अन्य से उगाही करने का आरोप है।
मंगलवार को गाजियाबाद पुलिस ने भी 44 सिपाहियों को लाइन हाजिर किया। इसके बाद से ही गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने भी थानों और चौकियों पर तैनात ऐसे सिपाहियों की सूची बनाकर कार्रवाई करने की कवायद शुरू कर दी थी। मंगलवार शाम एसएसपी ने सूची में शामिल सिपाहियों के तबादले और लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया।