प्री मानसून की बारिश से सोमवार को शहर के कई जगहों पर जल भराव हो गया। हालात यह हो गए कि जो जहां था वह वहीं फंसकर रह गया। औद्योगिक व कमर्शियल क्षेत्र में सड़कों पर भरा पानी देर रात निकल सका। सेक्टर-32 में हाल ही में खुले एक मॉल की हालत तो इतनी खराब हो गई कि वहां घुसना मुश्किल हो गया और आधी मर्सडीज पानी में डूब गई।
पहली ही बारिश से लबालब हुआ शहर, पानी से सड़कें हुई बेहाल
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कई जगह गाड़ियों में पानी घुस जाने से वाहन चालू नहीं हो सके और लोग धक्का लगाकर ले गए। दो से ढाई घंटे तक पानी बरसने के दौरान बिजली भी गुल रही। तेज हवा के साथ आई बारिश से कहीं पेड़ तो कहीं बिजली के खंभे गिर गए। दरअसल, नोए़डा प्राधिकरण ने नालियों और गड्ढों को भरने के लिए 30 जून तक का समय दिया है। प्राधिकरण को अंदाजा नहीं था कि समय से पहले भारी बारिश हो जाएगी।
प्राधिकरण द्वारा बड़े नालों की सफाई का काम चल रहा है। उसकी गाद बाहर निकाली गई थी, पानी बरसा तो फिर से गाद नाले में समा गई। छोटी-छोटी नालियों की भी अभी पूरी तरह सफाई नहीं हो सकी थी। पिछले सप्ताह प्राधिकरण ने ममूरा में दुकानों के सामने नाला खोदा था, अब उसमें पानी भर गया।
दुकानदारों को निकलने का रास्ता नहीं है और डर भी है कि कहीं कोई गिर न जाए। प्राधिकरण के सामने एक और बड़ी दिक्कत है कि औद्योगिक, आवासीय, कमिर्शयल क्षेत्रों में लोगों ने नालियों पर ही रैंप बना लिए। उनमें मिट्टी भरी होने से पानी की निकासी नहीं हो सकी। प्राधिकरण की आधी अधूरी तैयारी से लोगों का काफी परेशानी उठानी पड़ी।
शहर का ऐसा कोई सेक्टर नहीं बचा, जहां पर जलभराव न हुआ हो। सेक्टर-15ए वाली सड़क की हालत यह हो गई कि पानी भरने के बाद वाहन चालकों की हिम्मत नहीं हुई कि वह वहां से निकल सकें। काफी संख्या में वाहन चालक किसी सुरक्षित स्थल की तलाश करते रहे ताकि बारिश थमने और पानी निकलने के बाद निकला जा सके। सेक्टर-58 और 59 समेत अन्य औद्योगिक सेक्टरों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो गई।