ऑल इंडिया एफएम गोल्ड में आरजेइंग कर फेम पाने वाली आरजे देविका दत्ता की जिंदगी में इतने उतार चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने पर परिस्थिति का डट कर मुकाबला किया और हर उतार चढ़ाव को पार कर अपना एक अनोखा रस्ता बनाया। दिल्ली में पली बढ़ी देविका को आप 'सदाबहार गाने' और 'कागज पे जिंदगी' के नाम के शो पर सुन सकते हैं।
क्या हुआ जब ये RJ अपनी मां के चौथे के दिन पहुंचीं ऑडिशन देने, कहानी जान कर इनपर करेंगे गर्व
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बता दें कि देविका के माता-पिता दोनों ही संगीत से जुड़े हुए हैं और शायद यही कारण है कि वह एक बेहतर आरजे ही नहीं एक बेहतर गायिका भी हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में हर किरदार बखूबी निभाया है, चाहे वो एक बेटी का हो, एक बहन या फिर एक आरजे का हो। मां के गुजर जाने के बाद घर की सारी जिम्मेदारी देविका पर आ गई। चूंकि वह घर की बड़ी बेटी थीं उनके कंधों पर घर की जिम्मेदारियां आना लाजमी थीं। लेकिन इस बुरे दौर में भी उन्होंने काफी हिम्मत रखी और लाइफ में काफी कुछ अचीव किया। उनके हर कदम पर उनके पिता ने उनका साथ दिया। शायद यही वजह है कि वह अपने पिता से दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करती हैं।
पिता की जिद पर देविका ने मां के चौथे के दिन ऑल इंडिया एफएम गोल्ड में आरजे का ऑडिशन देने पहुंचीं। वह वहां बिना किसी तैयारी के साथ गईं, वहां वो कुछ बोल भी नहीं पा रही थीं। उनकी ऐसी हालत देख जो ऑडिशन ले रहे थे उन्होंने पूछा के क्या हुआ है तब देविका ने जवाब में कहा कि आज मेरी मां का चौथा है.. तो उनकी आखों में भी आंसू छलक पड़े और उन्होंने देविका को गले से लगा कर कहा कि तुम बहुत स्ट्रांग हो..
उसके कुछ दिन बाद देविका को ऑल इंडिया एफएम गोल्ड से कॉल आया और बताया गया कि उनका सेलेक्शन हो चुका है। उनको 15 दिन की ट्रेनिंग पर भेजा गया और फिर उनको ऑन एयर किया गया। उनका पहला शो 'गाते गुनगुनाते' था।
देविका दत्ता नीरजा भनोट को काफी पसंद करती हैं। उनके अलावा वो अपनी बहन दीपिका की भी काफी तारीफ करती हैं। उनका सपना है कि वह अपना खुद का यूट्यूब चैनल चलाएं जिसमें वह अपने खुद के गाए गाने अपलोड करें। देविका दत्ता आरजे का काम करने के अलावा एक एनजीओ से भी जुड़ी थीं। उनको लोगों की मदद करना बहुत अच्छा लगता है। जैसे नेत्रहीन लोगों के लिए परीक्षा में उनकी ओर से लिखना, गरीब बच्चों की सहायता ये काम करना उन्हें काफी पसंद है।