बायोटेक्नोलॉजी को आम भाषा में बायोटेक भी कहा जाता है। यह विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें जीव-विज्ञान (Biology) और टेक्नोलॉजी के मेल से कच्चा माल (raw materials) का नवीनीकरण कर उसे नए प्रोडक्ट में बदल दिया जाता है। यह बीटेक करने वाले छात्रों के पसंदीदा कोर्सेस में से एक है।
Career: जानिए बायोटेक्नोलॉजी में कैसे बनाएं करियर, बीटेक छात्रों के लिए है बेहतरीन विकल्प
बायोटेक्नोलॉजी को आम भाषा में बायोटेक भी कहा जाता है। यह विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें जीव-विज्ञान (Biology) और टेक्नोलॉजी के मेल से कच्चा माल (raw materials) का नवीनीकरण कर उसे नए प्रोडक्ट में बदल दिया जाता है।
कोर्सेस के प्रकार
डिप्लोमा कोर्स- बायोटेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखने वाले छात्र दसवीं के बाद ही कॉलेजों में डिप्लोमा कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं। भारत में यह कोर्स तीन साल के लिए होता है।
अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम- अंडरग्रेजुएट की प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद छात्र कॉलेजों में बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। बायोटेक्नोलॉजी में अंडरग्रेजुएट कोर्स चार साल का होता है।
पोस्टग्रेजुएट- पोस्टग्रेजुएट में इस कोर्स को एमटेक इन बायोटेक्नोलॉजी या एमएसी इन बायोटेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाता है। इस कोर्स को करने में दो साल का समय लगता है।
करियर ऑप्शन
बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। इस क्षेत्र के छात्रों के लिए प्राइवेट या सरकारी सेक्टरों में अवसर की कमी नहीं है। बायोटेक्नोलॉजी कैंडिडेट्स को कंपनियों में बेहतरीन नौकरियां भी मिलती हैं।
इन क्षेत्रों में बना सकते हैं करियर
कितनी होती है सैलरी
भारत में करीबन 150 से भी अधिक बायोटेक्नोलॉजी कंपनिया हैं। इस फील्ड में काम करने वालों की सैलरी भी काफी अच्छी होती है। हर कंपनी की तरह यहां भी फ्रेशर से लेकर हाई लेवल पोस्ट की सैलरी अलग अलग है। इस क्षेत्र में काम करने वालों की सैलरी करीबन दो से तीन लाख रुपये से शुरू होकर 10 लाख से भी अधिक होती है।
