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भारतीय पुलिस सेवा: कैसे बनें आईपीएस अधिकारी, क्या है चयन, नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया? जानिए यहां

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Wed, 23 Jun 2021 05:08 PM IST
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Indian Police Service: How to become IPS officer, Know the selection procedure, posts, training and salary
आईपीएस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service), भारत की मुख्य तीन नागरिक सेवाओं और सिविल सेवाओं के सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक है। इस पद पर पहुंचने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा देनी होती है। चयनित आवेदकों की भर्ती सहायक पुलिस आयुक्ति, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, पुलिस उपायुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त और पुलिस आयुक्त के पदों पर की जाती है।


गौरतलब है कि भारतीय पुलिस सेवा की स्थापना वर्ष 1948 में की गई थी। आईपीएस अधिकारियों के कैडर को विनियमित करने के लिए गृह मंत्रालय को अधिकृत किया गया था। वर्तमान में (2011 की गणना के अनुसार) आईपीएस अधिकारिकयों के तकरीबन 4730 कैडर हैं। 

भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी का मुख्य काम देश में कानून और व्यवस्था को बनाए रखना है। जिसमें कुख्यात अपराधियों, नशीली दवाओं की तस्करी, आतंकवाद, साइबर आदि अपराधों को रोकने का काम शामिल है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा, यातायात प्रबंधन आदि को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी आईपीएस अधिकारी की होती है। सीबीआई, रॉ और आईबी अर्धसैनिक बलों जैसे आईटीबीपी, असम राइफल्स, बीएसएफ, सीआरपीएसफ जैसी खुफिया एजेंसियों का नेतृत्व भी आईपीएस अधिकारी द्वारा किया जाता है।   

अगर आप भी आईपीएस अधिकारी बनाना चाहते हैं तो यहां चयन प्रक्रिया, योग्यता, प्रशिक्षण आदि से संबंधित जानकारियां आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती हैं। पढ़िए... 

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आईपीएस अधिकारी - फोटो : SVP National Police Academy

कैसे बनते हैं आईपीएस अधिकारी?

  • आईपीएस अधिकारी बनने के लिए अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से स्नातक पास होना अनिवार्य है। 
  • संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा पास करना अनिवार्य है। 
  • परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी की भर्ती भारत सरकार के करीब 24 सेवा विभागों में रैंक के आधार पर की जाती है।
  • प्रत्येक वर्ष अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त रैंक के हिसाब से पद निर्धारित किए जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों के परिणाम के अनुसार न्यूनतम 250 रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का ही चयन आईपीएस अधिकारी के पद पर किया जाता है। 
  • लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में शुरुआती प्रशिक्षण के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी हैदराबाद में चयनित आवेदकों की 15 सप्ताह की ट्रेनिंग होती है।
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आईपीएस अधिकारी - फोटो : SVP National Police Academy

आईएएस प्रशिक्षण व्यवस्था

  • आधारभूत प्रशिक्षण - 04 सप्ताह (एलबीएसएनएए, मसूरी, उत्तराखंड )
  • संस्थागत/व्यावसायिक प्रशिक्षण (प्रथम चरण ) - 12 सप्ताह (एसवीपी राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद)
  • व्यावहारिक प्रशिक्षण (जिला प्रशिक्षण) - 08 सप्ताह  
  • संस्थागत/व्यावसायिक प्रशिक्षण (चरण-3) - 3 सप्ताह (एसवीपी राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद)
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आईपीएस अधिकारी - फोटो : SVP National Police Academy

आईपीएस प्रशिक्षण 

  • परीक्षा में चयनित आवेदकों की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी (उत्तराखंड)’ में 16 सप्ताह की आधारभूत ट्रेनिंग होती है। इसके बाद हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीबीपी एनपीए) में एक साल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • एसवीबीपीएनपीए में आईपीएस अधिकारियों को 4 सप्ताह तक अपराध शास्त्र, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, भारतीय दण्ड संहिता तथा भारतीय संवैधानिक व्यवस्था की जानकारी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही अधिकारिकयों को शारीरिक व्यायाम, ड्रिल तथा हथियार चलाने का ज्ञान भी दिया जाता है। 

  • इंदौर में स्थित सेंट्रल स्कूल फॉर वेपंस एंड टैक्टिक्स में हथियारों को खोलने, साफ करने तथा फिर से जोड़ने की ट्रेनिंग दी जाती है। यह प्रशिक्षण 28 दिनों का होता है। 

  • इसके अलावा नक्शा पढ़ना, दबिश देना, रात्रि विचरण, खोज, घुड़सवारी, उग्र भीड़ नियंत्रण, अग्निशमन, जनता से मित्रवत व्यवहार, तैराकी, फोटोग्राफी, पर्वतारोहण, वाहन चलाना, आतंकवाद नियंत्रण, महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा, बेतार संचार प्रणाली तथा साम्प्रदायिक दंगों से संबंधित ट्रेनिंग भी दी जाती है। 

  • कार्यालयी प्रक्रियाओं व थानों की कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी हासिल करने के लिए संस्थागत प्रशिक्षण चरण-I के बात आईपीएस अधिकारिकयों की नियुक्ति एक साल के लिए पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक, वृत्त निरीक्षक और थानाधिकारी के साथ की जाती है। 

  • व्यावहारिक प्रशिक्षण के बाद संस्थागत प्रशिक्षण चरण-II होता है। एक वर्ष के प्रशिक्षण के पश्चात परिवीक्षाधीन अधिकारियों को यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा पास करनी होती है। उसके बाद ही व्यावहारिक प्रशिक्षण से सम्बन्धित (आवंटित) राज्य में ‘सहायक पुलिस अधीक्षक’ के पद पर आवेदकों की नियुक्त की जाती है। 

  • प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद प्रत्येक अधिकारी को निर्धारित कैडर में भेज दिया जाता है। इसके पश्चात सेवाकाल के दौरान ‘मिड कॅरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के तहत अधिकारियों की कई बार ट्रेनिंग होती है।

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आईपीएस अधिकारी - फोटो : SVP National Police Academy

कैसे और कब होती है नियुक्ति:

  • आईपीएस अधिकारी का प्रशिक्षण पूरा होने के पश्चात, अधिकारी को राज्य कैडर के किसी एक जिले के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में कार्य-प्रशिक्षण लेना होता है। 
  • तत्पश्चात आईपीएस अधिकारी को बतौर सहायक पुलिस अधीक्षक दो साल का कार्यानुभव लेना होता है।
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