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निजी विश्वविद्यालयों के लिए योगी सरकार के नए नियम, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर रद्द होगी मान्यता

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Wed, 19 Jun 2019 04:35 PM IST
सीएम योगी आदित्यनाथ
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उत्तर प्रदेश में अब निजी विश्वविद्यालयों पर सरकार की सख्ती बढ़ा दी गई है। योगी सरकार राज्य में निजी विश्वविद्यालयों के लिए नया अध्यादेश लेकर आई है। इसका नाम है उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अध्यादेश (UPPU)। इसे मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा पारित किया गया। इसे अब 18 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।

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UP Yogi govt new ordinance for private universities, Anti national activities may cancel affiliation
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इसके अनुसार, अब निजी विश्वविद्यालयों को एक शपथपत्र देना होगा कि यूनिवर्सिटी किसी तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होगी। शपथ पत्र में यह भी उल्लेख करना होगा कि यूनिवर्सिटी के कैंपस में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां नहीं होने दी जाएंगी। साथ ही यूनिवर्सिटी का नाम किसी भी राष्ट्र विरोधी गतिविधि में इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो यह अध्यादेश का उल्लंघन माना जाएगा। इसके बाद सरकार विश्वविद्यालय खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
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UP Yogi govt new ordinance for private universities, Anti national activities may cancel affiliation
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सरकार की मंजूरी के बिना नहीं मिलेगी मानद उपाधि 

अध्यादेश में विश्वविद्यालयों के उद्देश्यों में राष्ट्रीय एकीकरण, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक समानता और अंतरराष्ट्रीय सद्भाव की भावना शामिल करने का भी प्रावधान है। साथ ही किसी को मानद उपाधी देने के लिए विश्वविद्यालयों को सरकार से अनुमोदन करवाना होगा।
UP Yogi govt new ordinance for private universities, Anti national activities may cancel affiliation
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वेबसाइट पर बतानी होगी एडमिशन प्रक्रिया व फीस

विश्वविद्यालयों को अब विभागों में कम से कम 75 फीसदी नियमित शिक्षक रखने होंगे। कॉमन एकेडेमिक कैलेंडर लागू किया जाएगा। एडमिशन की पूरी प्रक्रिया और फीस की जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। 
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सांकेतिक तस्वीर
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हर साल होगा निरीक्षण
  • विश्वविद्यालय प्रावधानों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इस पर उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद नजर रखेगा।
  • राज्य उच्च शिक्षा परिषद साल में कम से कम एक बार विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेगी।
  • हर 5 साल में नैक मूल्यांकन भी करवाना होगा। 
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा है कि सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है कि विश्वविद्यालयों में सिर्फ शिक्षा दी जाए। वहां राष्ट्र विरोध गतिविधियां न पनपें।
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