ओटीटी का सबसे लोकप्रिय शो ‘बिग बॉस’ के सीजन 2 की शुरुआत हो चुकी है। शो के प्रोमो के बाद से ही यह लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। टीआरपी को देखते हुए इस बार ‘बिग बॉस’ ओटीटी को भी सलमान खान ही होस्ट कर रहे हैं, जिस वजह से लोग शो को और भी ज्यादा प्यार दे रहे हैं। इस शो में टीवी जगत के बड़े सितारों के साथ-साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भी शिरकत की है। इन्हीं प्रतियोगियों में से एक मनीषा रानी भी हैं, जिन्होंने हाल ही में, अपने संघर्ष के दिनों को याद किया है।
Manisha Rani: 'घर से भागकर बैकग्राउंड डांसर के रूप में किया काम', बिग बॉस फेम मनीषा रानी का छलका दर्द
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मनीषा शो में अपनी एंट्री के साथ ही धमाल मचा चुकी हैं। दर्शक भी मनीषा पर खूब प्यार लुटा रहे हैं। मनीषा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अपने फैंस संग अपनी तस्वीरें भी साझा करती रहती हैं। अब हाल ही में, अभिनेत्री ने बिहार के छोटे गांव से निकलकर ‘बिग बॉस’ ओटीटी तक पहुंचने के अपने अनुभव का खुलासा किया है। तो चलिए जानते हैं कि मनीषा ने क्या कहा है।
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मनीषा ने अपने संघर्षों के बारे में बताते हुए कहा कि नाम कमाने के लिए वह घर से भाग गई और फिर गुजारा करने के लिए कोलकाता में वेट्रेस और बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम किया था। मनीषा ने कहा, 'मैं घर से भागी तो कोलकाता चली गई। मैं डांस सीखना चाहती थी और मेरे पिता मुझे अनुमति नहीं दे रहे थे, इसलिए मैंने अपने पिता को एक पत्र लिखा और मैं एक दोस्त के साथ भाग गई।'
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मनीषा ने आगे कहा, ‘घर से भागने के बाद मैं बिना टिकट लिए ही ट्रेन में चढ़ गई थी। उस समय मुझे न जाने क्या हुआ था। मैं इतनी बेखौफ थी कि गिरफ्तार होने से भी नहीं डरती थी।आगे चलकर ऐसा ही हुआ मैं पकड़ी गई और मुझे दो घंटे हवालात में भी बैठना पड़ा था। उस समय मेरी स्थिति ऐसी थी कि मैं पांच रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट भी नहीं खरीद पाई थी।’ मनीषा ने आगे यह भी खुलासा किया कि आगे चलकर उन्होंने अपने पिता से माफी मांगी थी।
आगे मनीषा ने अपने संघर्ष के दिनों को याद कर कहा, ‘मैं घर वापस नहीं जाना चाहती थी। मैं कोलकाता में रहना चाहता थी और किसी भी कीमत पर अपना नाम बनाना चाहती थी। यह वह समय था, जब मैंने शादियों में बैकग्राउंड डांसर और वेट्रेस के रूप में काम किया। मैं सफेद कमीज और काली पैंट पहनकर आठ घंटे खड़ी रहती थी। हम अपने सामने फैंसी खाना देखते थे, लेकिन खाने की इजाजत नहीं थी।मैं कोलकाता को कभी नहीं भूलूंगी क्योंकि मेरी यात्रा वहीं से शुरू हुई थी।'