इन दिनों हर्षा रिछारिया 'सुंदर साध्वी' के नाम से चर्चा में है। कहा जा रहा है कि वह साध्वी बन गई हैं। हालांकि, उन्होंने अपने एक हालिया बयान में कहा कि वह साध्वी नहीं हैं। हर्षा एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर हैं। बात जब साध्वी या संन्यासी बनने की चली है तो आज हम आपको एक ऐसी ही मॉडल और अभिनेत्री के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने ग्लैमर और चकाचौंध की दुनिया को छोड़कर संन्यास का रास्ता अपना लिया। कभी यह मॉडल ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन जैसी सुंदरियों को कड़ी टक्कर दिया करती थीं। हम बात कर रहें हैं पूर्व मॉडल और अभिनेत्री बरखा मदान की, जिन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अपने जीवन में एक परिवर्तन ले आईं और बौद्ध भिक्षु बन गईं।
Barkha Madan: ऐश्वर्या और सुष्मिता को दी कड़ी टक्कर, ग्लैमर की दुनिया को ठोकर मार बौद्ध भिक्षु बनी ये एक्ट्रेस
Barkha Madan: आज हम आपको बॉलीवुड की एक ऐसी अभिनेत्री और मॉडल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने ग्लैमर की दुनिया को ठुकरा दिया और बौद्ध भिक्षु बन गईं। एक जमाने में यह अभिनेत्री ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन को टक्कर दिया करती थीं। आइए जानते हैं वह कौन हैं?
बौद्ध भिक्षु बनने के बाद बदला नाम
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री बरखा मदान अब एक बौद्ध भिक्षु के रूप में रह रही हैं। अब उनका नाम भी बदल चुका है। बरखा अब ‘ग्यालटेन समतेन’ के नाम से जानी जाती हैं। उनकी यात्रा एक आध्यात्मिक बदलाव को दर्शाती है, क्योंकि वह खुद को एक नए मार्ग ले आई हैं। बरखा अपने सोशल मीडिया पर बौद्ध धर्म से जुड़ी वीडियोज भी साझा करती रहती हैं।
यह खबर भी पढ़ें: Harsha Richhariya: 'मैंने कभी नहीं कहा कि मैं साध्वी हूं', हकीकत खुलते ही इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया की सफाई
मिस इंडिया में ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन को दी टक्कर
बरखा मदान सबसे पहले मॉडलिंग की दुनिया में मशहूर हुईं, जहां उन्होंने वर्ष 1994 की मिस इंडिया प्रतियोगिता में अपनी पहचान बनाई, जिसमें सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय बच्चन जैसी मशहूर हस्तियों के साथ कंपटिट किया। उन्होंने जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखा और साल 1996 की फिल्म ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ से अभिनय की शुरुआत की।
यह खबर भी पढ़ें: Harsha Richhariya: कौन हैं महाकुंभ में नजर आई हर्षा रिछारिया? 'सुंदर साध्वी' के रूप में बटोर रहीं सुर्खियां
इन फिल्मों में किया काम
इसके बाद, वह अजय देवगन, रेखा और उर्मिला मातोंडकर के साथ ‘भूत’ जैसी फिल्म में नजर आईं। फिर वह टीवी की दुनिया में भी दिखाई दी। उन्होंने ‘सात फेरे: सलोनी का सफर’ धारावाहिक में काम करते हुए अपनी पहचान बनाई।
View this post on Instagram
A post shared by Barkha Madan (@barkhamadan17)
कब और कैसे बनीं बौद्ध भिक्षु
ग्लैमर की दुनिया में मशहूर होने के बाद बरखा को अपनी जिंदगी का लक्ष्य साल 2012 में मिला। जब उनके मन में दलाई लामा के प्रति गहरी श्रद्धा जागी। उनसे प्रेरित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया। कहते हैं कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा छोटी उम्र में ही शुरू हो गई थी, जब वह छठी कक्षा के दौरान सिक्किम के एक मठ में गई थीं। यहीं पर उन्हें पहली बार संस्कृति से गहरा जुड़ाव महसूस हुआ था। फिल्मी दुनिया में आने के बाद भी बरखा का अध्यात्म के प्रति झुकाव होता गया और वह मठ में वापस आ गईं। आज वह पूरी तरह से मठ का जीवन अपना चुकी हैं। वह ग्याल्टेन समतेन नाम से जानी जाती हैं और दूरदराज के पहाड़ी मठों में रहती हैं और आध्यात्मिक विकास के लिए समर्पित जीवन जी रही हैं।