हिंदी सिनेमा में बंगाल के जादू का असली करिश्मा दिखाने वाले मुनमुन सेन ने पहली हिंदी फिल्म “अंदर बाहर” के वक्त इसके दोनों हीरो अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ का तिलिस्म फीका कर दिया था। एक ही झटके में परवीन बाबी से लेकर जीनत अमान तक को बिंदासपन और बेलौसी में पीछे छोड़ देने वाली मुनमुन सेन की दोनों बेटियां रिया सेन और राइमा सेन भी फिल्मों में काम करती हैं। तृणमूल कांग्रेस की सांसद रह चुकीं मुनमुन सेन की आइए आपको बताते हैं 10 अनसुनी कहानियां।
राजघराने की बहू के परदे पर बिकिनी पहनने से मचा था बवाल, जानिए मुनमुन सेन की 10 अनसुनी कहानियां
चांदी के चम्मच के साथ जन्म
मुनमुन सेन का जन्म 28 मार्च 1978 में कोलकाता के एक हिन्दू परिवार में हुआ। उनके पिता नाम दीबानाथ सेन और माता बंगाल की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री सुचित्रा सेन थीं। इनके पिता कोलकाता के बालीगंज के एक बहुत रईस और व्यापारी परिवार से आते थे। इनके दादा दीनानाथ सेन त्रिपुरा की सरकार में मंत्री हुआ करते थे।
विदेश में पढ़ाई
मुनमुन की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई लोरेटो कॉन्वेंट शिलॉन्ग में और बाद में इन्होंने लोरेटो हाउस कोलकाता में दाखिला लिया। अपनी स्नातक की डिग्री हासिल करने से लिए मुनमुन ने लंदन का रास्ता अख्तियार किया और वहां के समरविल कॉलेज ऑक्सफोर्ड में दाखिला लिया। शायद उन्हें अपने देश से ज्यादा प्यार था इसलिए वे फिर अपने देश लौटकर आईं और स्नातकोत्तर की डिग्री जाधवपुर यूनिवर्सिटी से ही हासिल की।
डीएनए में एक्टिंग
मुनमुन की मां सुचित्रा सेन का भारतीय सिनेमा में बहुत बड़ा नाम रहा है। जब मुनमुन छोटी थीं तब वह अपनी मां के उनकी फिल्मों की शूटिंग देखने जाया करती थीं। अपनी मां को काम करते देखना उन्हें बहुत अच्छा लगता था। लोग उनकी मां के काम की तारीफ भी बहुत किया करते थे इसलिए मुनमुन भी अभिनय करने की जिद करती थीं।
पेंटिंग का शौक
मुनमुन पढ़ाई में तो होशियार थीं ही साथ ही उनकी कला भी उतनी ही रुचि थी। अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने चित्रकारी करने का हुनर सीखा। सिखाने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद एक महान चित्रकार जैमिनि रॉय थे। इसके बाद तो उन्हें चित्रकारी की ऐसी लत लगी की अक्सर सारे सारे दिन वे पेंटिंग ही करती रहती थीं। उन्हें पुरानी वस्तुएं इकट्ठा करने का भी बहुत शौक था।
सरकारी स्कूल में शिक्षिका बनीं
मुनमुन ने अपना ज्ञान सिर्फ अपने तक ही सीमित नहीं रखा बल्कि उन्होंने बालीगंज के ही एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाना भी शुरू किया। वह बच्चों को अंग्रेजी की शिक्षा दिया करती थीं। इसके बाद उन्होंने फिल्म की तकनीकियां सिखाने वाले स्कूल चित्रबानी में छात्रों को ग्राफिक्स करना भी सिखाया। इसके साथ ही वे समाज सेवा में भी बहुत व्यस्त रहती थीं।
शादी के बाद फिल्मों में एंट्री
कहते हैं कि भारतीय सिनेमा में अभिनेत्रियों का करियर उनकी शादी के बाद खत्म हो जाता है। लेकिन अगर बात करें मुनमुन के फिल्मी करियर की तो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अपनी शादी के बाद ही की। उन्होंने राजघराने से ताल्लुक रखने वाले भारत देव वर्मा से शादी की। उनसे उन्होंने दो बेटियों राइमा सेन और रिया सेन को जन्म दिया। उनकी दोनों ही बेटियों ने भी भारतीय सिनेमा में खूब काम किया। उनकी दिवंगत सास इला देवी कूचबिहार की राजकुमारी इंदिरा राजे की बेटी थीं, और जयपुर की महारानी गायत्री देवी की बड़ी बहन थीं।
बिकिनी गर्ल बनकर मचाया हंगामा
मुनमुन ने वर्ष 1984 में आई फिल्म 'अंदर बाहर' से हिंदी सिनेमा में अपना करियर शुरू किया। इस फिल्म में अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिका में हैं। मुनमुन की ये पहली फिल्म थी और उन्होंने इस फिल्म में ही बहुत बोल्ड अवतार दिखाया। इसकी वजह से बात कुछ बिगड़ी भी और खूब हो हल्ला भी हुआ। इसके बाद भी वे बिकिनी में कई मैगजीन्स के कवर पर नजर आईं।
कई भाषाओं की फिल्मों में काम
मुनमुन ने हिंदी सिनेमा की धक धक गर्ल माधुरी दीक्षित के साथ भी फिल्म '100 डेज' में काम किया। उन दिनों वे फिल्मों में बहुत व्यस्त हुआ करती थीं, उन्हें कोलकाता और मुंबई के बीच में बहुत चक्कर लगाने पड़ते थे। क्योंकि मुनमुन सिर्फ हिंदी फिल्मों में ही नहीं, बल्कि बंगाली, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तमिल और तेलुगू भाषाओं की फिल्मों में भी बराबर काम कर रही थीं।
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