फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

2 Years Of Sony Liv: देसी कहानियों पर निर्देशकों का जोर, हंसल मेहता बोले, अभिषेक के साथ सफल नहीं होती ‘स्कैम’

Mon, 20 Jun 2022 01:41 PM IST
पलक शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: पलक शुक्ला Updated Mon, 20 Jun 2022 01:41 PM IST
विज्ञापन
2 Years Of Sony Liv: hansel mehta says App focus on indigenous stories like scam 1992 the harshad mehta tanaav rocket boys 2 indias first election fauda remake
Danish Khan, Sameer Nair, Hansal Mehta, Rajeev Masand, Ashwiny Iyer Tiwari, Rana Daggubati and Nikkhil Advani - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

अंतर्राष्ट्रीय मनोरंजन कंपनी सोनी एंटरटेनमेंट के देसी ऐप सोनी लिव की कामयाबी का बड़ा राज इस पर प्रसारित हुईं कहानियों का चुनाव रहा है। एप के शानदार दो साल पूरे होने पर इसके सितारे और संचालक एक छत के नीचे यहां मुंबई में मिले और इस दौरान एप की सर्वाधिक चर्चित सीरीज 'स्कैम 1992 द हर्षद मेहता स्टोरी' बनाने वाले हंसल मेहता ने जो कहा, उसे अगर नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो वालों ने भी सुना होगा तो इसी में आने वाले दिनों में ओटीटी की कामयाबी छुपी है। सितारों के पीछे भागते हुए नेटफ्लिक्स की हालत जगजाहिर हो चुकी है। प्राइम वीडियो भी इन दिनों सितारों के रेट्स बिगाड़ने में कसर नहीं छोड़ रहा। लेकिन हंसल मेहता साफ कहते हैं, ‘ओटीटी के लिए किसी बड़े स्टार की जरूरत नहीं होती। इसकी कामयाबी इसी में है कि ये नए स्टार बनाए। मैं अभिषेक बच्चन को लेकर 'स्कैम 1992 द हर्षद मेहता स्टोरी' बनाता तो शायद ये सीरीज सफल न होती, इसकी कामयाबी की वजह है एक नया चेहरा और एक नई कहानी।’

2 Years Of Sony Liv: hansel mehta says App focus on indigenous stories like scam 1992 the harshad mehta tanaav rocket boys 2 indias first election fauda remake
Danish Khan, Sameer Nair, Hansal Mehta, Rajeev Masand, Ashwiny Iyer Tiwari, Rana Daggubati and Nikkhil Advani - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

हंसल मेहता कहते हैं, ‘ओटीटी कंटेंट के साथ बिताया गया समय पारंपरिक फिल्म कंटेंट से कहीं ज्यादा है।  मुझे लगता है कि यह लंबे प्रारूप की खुशी है। आप कहानी को लंबे समय तक विकसित करते हैं और इसके साथ लंबे समय तक जीते हैं। एक रचनाकार एक सूत्र की सीमाओं तक सीमित नहीं है। आप नई चीजों को आजमाने और एक आदर्श कलाकार के साथ काम करने के लिए स्वतंत्र हैं। ओटीटी के साथ अब हम बहुत कुछ कर सकते हैं। एक फिल्म निर्माता या निर्देशक के अस्तित्व के लिए इससे बेहतर समय कभी नहीं रहा।’

2 Years Of Sony Liv: hansel mehta says App focus on indigenous stories like scam 1992 the harshad mehta tanaav rocket boys 2 indias first election fauda remake
हंसल मेहता के साथ प्रतीक गांधी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कार्यक्रम में मौजूद अप्लॉज एंटरटेनमेंट के सीईओ समीर नायर ने भी सोनी लिव के साथ अपने रिश्ते का बखान खूब किया। हालांकि बात ध्यान से सबसे ज्यादा हंसल मेहता की ही सुनी गई। हंसल ने कहा, 'हमारे देश में कहानियों की कमी नहीं है फिर हम क्यों पश्चिम की नकल करें। जिस तरह से ओटीटी पर शो को पसंद किया जा रहा है, उसे देखते हुए यह कहने की जरूरत ही नहीं कि हम पश्चिम की फिल्मों की नकल करें।’

विज्ञापन
विज्ञापन
2 Years Of Sony Liv: hansel mehta says App focus on indigenous stories like scam 1992 the harshad mehta tanaav rocket boys 2 indias first election fauda remake
हंसल मेहता - फोटो : सोशल मीडिया

गौरतलब है कि अप्लॉज एंटरटेनेंट इन दिनों तकरीबन हर ओटीटी के विदेशी शोज की हिंदी रीमेक बेचने में लगा हुआ है। हंसल ने सीधे सीधे किसी कंपनी या मेकर का नाम तो नहीं लिया। लेकिन वह कहे हैं,‘हमारे हिंदुस्तान में इतनी कहानियां हैं कि उस पर हम कितना भी काम करें खत्म नहीं होगी। बस उस कहानी को अच्छे से पेश करने का तरीका हमें आनी चाहिए। जो हम बना सकते हैं वह पश्चिम के लोग नहीं बना सकते और जो वो बना रहे हैं वो हम नहीं बना सकते हैं। हर किसी की अपनी संस्कृति और भाषा होती है। अगर हम उस पर काम करें तो ही सफल हो पाएंगे।’  

विज्ञापन
2 Years Of Sony Liv: hansel mehta says App focus on indigenous stories like scam 1992 the harshad mehta tanaav rocket boys 2 indias first election fauda remake
सोनी लिव - फोटो : सोशल मीडिया

सोनी लिव प्रबंधन ने इस दौरान अपने आगामी शोज के बारे में भी बताया जिसमें सबसे बड़ा शो ‘तनाव’ माना जा रहा है जो ओटीटी की हिट सीरीज ‘फौदा’ की रीमेक है। इस मौके पर अभिनेता और निर्माता राणा दग्गुबाती के कहा, 'हमें भारतीय कहानियों को बताने की जरूरत है। जमीन से जुड़ी हुई कहानियां ही लोगों को आकर्षित करती हैं। आप ‘बाहुबली’ देख लें या ‘आरआरआर’ ये फिल्में हमारी संस्कृति से जुड़ी थीं इसलिए सफल रहीं। हमें अपनी कहानियों को स्थानीय रूप से बताने की जरूरत है।' अश्विनी अय्यर तिवारी ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा,  'हमारे पास एक ऐसा देश है जहां हर कोने में बहुत सारी कहानियां हैं। जब हम कहते हैं कि हम एक ऐसी कहानी बनाते हैं जो पश्चिम की तरह दिखती या महसूस होती है, तो यह धोखा है।’

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed