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3 Years Of Hichki: इसलिए हमेशा रानी के दिल के करीब रहेगी फिल्म, सिद्धार्थ ने सुनाए मेकिंग के किस्से

Tue, 23 Mar 2021 02:01 PM IST
विजयाश्री गौर अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: विजयाश्री गौर Updated Tue, 23 Mar 2021 02:01 PM IST
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3 years of Hichki Rani Mukherji remembers how she paid tribute to her father in last scene know making story
रानी मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

शारीरिक कमजोरियों से पार पाने वाले तमाम किरदार सिनेमा में लोगों की आंखों का तारा बने हैं। ऐसा ही एक किरदार अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने तीन साल पहले निभाया था फिल्म ‘हिचकी’ में। इस फिल्म को रानी के करियर की बतौर अदाकारा बेहतरीन फिल्मों में तो गिना ही जाता है, किसी महिला कलाकार के लीड रोल वाली सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में भी फिल्म ‘हिचकी’ की गिनती होती है। इस फिल्म ने दुनिया भर में 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। फिल्म ‘हिचकी’ कहानी है  टॉरेट सिंड्रोम से पीड़ित एक स्कूल टीचर की और दिल छू लेने वाली इस भूमिका निभाने के लिए रानी को तमाम इनाम मिले हैं।

3 years of Hichki Rani Mukherji remembers how she paid tribute to her father in last scene know making story
रानी मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

इस फिल्म का जिक्र चलने पर रानी बताती हैं, “मेरे पिता जी का निधन लगभग उसी समय हुआ था जब मैं ‘हिचकी’ की शूटिंग कर रही थी। मेरे माता-पिता मेरे करियर का अभिन्न एवं अटूट हिस्सा रहे हैं और मेरी फिल्में सबसे पहले वही देखा करते थे। यह ऐसी पहली फिल्म थी, जिसमें मेरा परफॉर्मेंस देखने के लिए मेरे पिता इस दुनिया में मौजूद नहीं थे।“वह आगे कहती हैं, “फिल्म ‘हिचकी’ के आखिरी सीन में, जहां मैं सेंट नॉटकर्स स्कूल की प्रिंसिपल के तौर पर रिटायर हो रही हूं, मैंने अपने पिता जी की वाकिंग स्टिक का इस्तेमाल किया था। यह मेरे लिए बेहद खास क्षण था लेकिन यह एक उदास और दुखी करने वाला अहसास भी था। फिल्म में पिता जी को अपने साथ रखने का यह मेरा अपना तरीका था। इसलिए वह सीन मेरी यादों में अमर रहेगा।“

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hichki

फिल्म ‘हिचकी’ के निर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा मानते हैं कि रानी मुखर्जी का फिल्म में होना उनकी सबसे बड़ी जीत रही। वह कहते हैं, “मुझे लगता है कि रानी को आप दुनिया का एक आश्चर्य कह सकते हैं। मुझे अब भी याद है कि जब मैं उन्हें फिल्म की कहानी सुना रहा था, उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं भारत में टॉरेट सिंड्रोम को लेकर जागरूकता पैदा करने जा रहा हूं। मैंने जो लिखा सो लिखा ही। इस बारे में रानी ने खुद बहुत रिसर्च की। वह उन लोगों से मिलीं जो टॉरेट से पीड़ित थे। कुछ बच्चे सामने ही नहीं आना चाहते थे, कुछ लोग उनके सामने अपनी घबराहट और शर्मिंदगी जाहिर करने में हिचकिचा रहे थे। यह फिल्म ब्रैड कोहेन पर आधारित है। मुझे लगता है कि ब्रेड कोहेन के साथ काम करने के प्रति रानी का समर्पण, ब्रैड का उनकी मदद करने का तरीका और रानी द्वारा इस समस्या को अंगीकार करना और समझना गजब का था।”

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3 years of Hichki Rani Mukherji remembers how she paid tribute to her father in last scene know making story
रानी मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

फिल्म ‘हिचकी’ को रिलीज हुए तीन साल पूरे हो रहे हैं। फिल्म में रानी को दृढ़ निश्चय वाली एक ऐसी स्कूल टीचर के रूप में दिखाया गया है जो स्वयं के नर्वस सिस्टम डिसॉर्डर- टॉरेट सिंड्रोम से जूझते हुए आर्थिक तौर पर पिछड़े तबके के मासूम छात्रों की जिंदगी बदल देती है। सिद्धार्थ बताते हैं, “फिल्म ‘हिचकी’ ने यह सिखाया कि हम सब में कोई न कोई टॉरेट है और हमें इसके साथ दोस्ताना रवैया रखना चाहिए। हम सबको अपने-अपने टॉरेट की तलाश करनी चाहिए। हमने इसकी पहचान कर ली हो या न की हो, हमें स्वयं के टॉरेट से किसी न किसी रूप में लड़ना पड़ता है। आज भी लोग मेरे पास आते हैं और कहते हैं कि वाह क्या फिल्म है! यह सुनकर बहुत अच्छा लगता है क्योंकि इस मकाम तक पहुंचने का सफर और आदित्य चोपड़ा और मनीष शर्मा का मुझे अपने मनमाफिक फिल्म बनाने की इजाजत देना बड़ी बात थी। मैं उनका बेहद शुक्रगुजार हूं।“

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सिद्धार्थ ‘हिचकी’ को अपने अब तक के करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म मानते हैं। वह बताते हैं, “यह अब तक के मेरे करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म है। इसकी वजह यह है कि मेरे दिल के करीब वाली फिल्म ‘वी आर फेमिली’ बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर सकी थी। मुझे खारिज कर दिया गया था, मैं बुरे दिनों से गुजर रहा था। कोई मुझे ‘हिचकी’ की कहानी ही नहीं सुनाने दे रहा था। लोगों का खयाल था कि यह ‘बच्चों के साथ रहने वाली किसी मानसिक रूप से विक्षिप्त टीचर की कहानी है, जिसको लेकर मैं किसी किस्म का आर्ट सिनेमा बनाने जा रहा हूं। लोग ऐसा करने, वैसा न करने वाली सलाहें दे रहे थे और कुल मिलाकर उनकी राय थी कि मुझे कोई कॉमर्शियल ब्लॉकबस्टर फिल्म बनानी चाहिए।“

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