देश में जहां एक तरफ वंशवाद और खेमेबाजी जैसे मुद्दों पर बहस हो रही है वहीं दूसरी तरफ हिंदी सिनेमा में कभी धाकड़ अभिनेता के रूप में पहचाने जाने वाले अभिनेता सनी देओल का यह खुलासा भी चौंकाने वाला ही है। सनी की फिल्म 'घायल' को रिलीज हुए 30 साल बीत चुके हैं। इतने साल बाद अब आकर सनी देओल ने इस फिल्म से जुड़े कुछ चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा किया है। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में बताया है कि उनकी इस फिल्म का कोई भी निर्माता निर्माण करने के लिए तैयार नहीं था। तब अंत में उनके पिता धर्मेंद्र ने इस फिल्म का निर्माण किया था।
जिस फिल्म के लिए सनी देओल को मिला था नेशनल अवॉर्ड, उसके लिए बेलने पड़े थे इतने सारे पापड़
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इस फिल्म से जुड़ी पूरी कहानी बताते हुए सनी ने कहा, 'राजकुमार संतोषी ने मेरी इसी फिल्म के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इससे पहले वह गोविंद निहलानी के सहायक हुआ करते थे। हम दोनों एक दूसरे को जानते थे इसलिए उन्होंने यह कहानी मुझे सुनाई और मुझे कहानी बहुत पसंद आई। मैंने उनसे वादा किया कि हम इसे जरूर बनाएंगे। राज नए निर्देशक थे इसलिए फिल्म के लिए निर्माता मिलना बहुत मुश्किल था। जिस किसी के पास भी हम इस कहानी को लेकर गए, वह सभी निर्माता कहते थे, 'यह पिक्चर मत बनाओ, नहीं चलेगी'।'
सनी ने बताया कि लगभग सभी ने इस कहानी के विचार को नकार दिया था और कुछ ने इसमें बदलाव के लिए सुझाव दिए थे। सभी तरफ से न सुनने के बाद अंत में वह अपने पिताजी के पास आए। उन्होंने बताया, 'मेरे पिताजी को इस कहानी में दम लगा और उन्होंने इस फिल्म का निर्माण करने का फैसला लिया। मुझे यह महसूस हुआ कि पापा ने हम दोनों में भरोसा जताया है तो हमें इस पटकथा पर ठीक वैसे ही काम करना होगा जैसा उस कागज पर लिखा हुआ है। इस फिल्म को लेकर हम बहुत गंभीर थे।'
फिल्म की स्क्रीनिंग का किस्सा सुनाते हुए सनी ने बताया कि उन्हें समीक्षकों और दर्शकों के सामने खड़े होकर अपने काम के लिए प्रतिक्रिया मांगने में बहुत अजीब लगता है। उन्होंने बताया, 'मैं उस फिल्म से भावनात्मक तौर पर जुड़ा हुआ था इसलिए यह मेरे लिए और भी ज्यादा मुश्किल था। यह फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब थी। स्क्रीनिंग के बाद हम जब लोगों से मिले तब मैंने राज से कहा, 'ठीक है, अब बन गई है। बदल तो नहीं सकते। आखिर में फिल्म हमने पूरी ईमानदारी से बनाई है। फेल हो गए तो आगे से ऐसी कहानी नहीं बनाएंगे। और क्या?'
बता दें कि सनी देओल, मीनाक्षी शेषाद्री, राज बब्बर, मौसमी चटर्जी और अमरीश पुरी की यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म के लिए सनी देओल को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में स्पेशल जूरी अवॉर्ड के लिए चुना गया। इसके बाद सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी ने 'दामिनी' और 'घातक' जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया था। वर्ष 2016 में खुद सनी देओल ने अपने ही निर्देशन में इस फिल्म का सीक्वल 'घायल वंस अगेन' भी बनाई। हालांकि, इस फिल्म ने ज्यादा सुर्खियां नहीं बटोरीं।