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चैनल्स की भीड़ में गुम सा हो गया दूरदर्शन, लेकिन आज भी जिंदा हैं ये पुराने विज्ञापन

Wed, 10 Jul 2019 01:52 PM IST
Avinash Pal अविनाश पाल, अमर उजाला
अविनाश पाल, अमर उजाला Published by: Avinash Pal Updated Wed, 10 Jul 2019 01:52 PM IST
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80-90's Best Doordarshan Television  Advertisements
पुराने विज्ञापन - फोटो : Social Media

250-300 चैनल्स की भीड़ में आज दूरदर्शन कहीं गुम सा हो गया है। आज हर किसी की अलग पसंद के लिए हर किसी के पास एक अलग चैनल है। अगर आपको एक्शन पसंद है तो आप एक्शन चैनल लगा सकते हैं। अगर आपको गाने सुनने हैं तो एक बटन की दूरी पर आप गाने सुन सकते हैं। यही नहीं नए गाने या पुराने गाने सुनने के लिए भी अलग अलग चैनल्स हैं। लेकिन जैसा आज है वैसा पहले 80-90's में नहीं था। टेलीविजन की शुरुआत में दूरदर्शन ही एक मात्र चैनल सभी के पास होता था। उस वक्त शख्स अपने हिसाब से शो नहीं बल्कि शोज के हिसाब से खुद के ढालता था। उस दौर में न सिर्फ टीवी शोज बल्कि विज्ञापनों का भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिलता था। ऐसे में आज भी कई ऐसे विज्ञापन हैं जो दर्शकों के दिल में बसे हैं और नाम मात्र लेने से ही घंटों उसकी यादों में बातें होने लगती हैं। एक नजर ऐसे ही पांच विज्ञापनों पर.....

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मिले सुर मेरा तुम्हारा का स्क्रीनशॉट - फोटो : Social Media

'मिले सुर मेरा-तुम्हारा, तो सुर बने हमारा', ये गाना करीबन हम सभी ने दूरदर्शन पर कई बार सुना और देखा होगा। आज भी यह गाना कई लोगों की जुबां पर अचानक आ जाता है। इस गाने को पंडित भीमसेन जोशी, लता मंगेशकर सहित कई लोगों ने अपनी आवाज दी थी। इस गाने के जरिए देश की अनेकता में एकता दर्शाया गया था। इस गाने में अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, जीतेन्द्र, सुनील गावस्कर, पीटी उषा, मंसूर अली खान पटौदी, कपिल देव, प्रकाश पादुकोण, मिल्खा सिंह, हेमा मालिनी सहित कई सेलेब्स नजर आए थे।

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राष्ट्रीय दुग्ध विकास मंडल का विज्ञापन - फोटो : Social Media

राष्ट्रीय दुग्ध विकास मंडल की ओर से उस वक्त दूध को लेकर एक विज्ञापन आता था। यह विज्ञापन करीब एक मिनट का एक पूरा गाना था। जो उस वक्त हर किसी की जुबां पर चढ़ गया था। जनहित में जारी विज्ञापन को भी इतने शानदार तरीके से दिखाया गया था कि करीबन हर कोई पूरा विज्ञापन देखता था और उससे पहले टीवी के सामने से उठता तक नहीं था। बता दें कि इस विज्ञापन को 1990 में एफसीबी उल्का ने क्रिएट किया था।

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नेरोलेक पेंट्स का विज्ञापन - फोटो : Social Media

नेरोलेक पेंट्स का विज्ञापन भी एक प्यारा जिंगल था जो आज भी वही है। हालांकि उसको पेश करने और गाने का तरीका काफी बदल गया है लेकिन अंदाज आज भी वही हैं। नेरोलेक के जिंगल- 'जब घर की रौनक बढ़ानी हो, दीवारों को सजाना हो...' सिर्फ एक विज्ञापन नहीं रह गया था बल्कि गाने की तरह इस्तेमाल होने लगा था।


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अमूल का विज्ञापन - फोटो : Social Media

अमूल का जिंगल भी दिल को छू लेने वाला था और सभी को पसंद आया था। अमूल के इस विज्ञापन को लोग इतना पसंद करते थे कि कई दफा तो विज्ञापन आते ही टीवी की आवाज बढ़ा देते थे। अमूल ने अपने दूध के साथ ही महिला सशक्तिकरण का भी संदेश उस वक्त ही दे दिया था। वैसे आज भी अमूल के विज्ञापन बेहद आकर्षक और ट्रेंड से जुड़े हुए होते हैं। 


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