पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में उम्रकैद काट रहे एजी पेरारिवलन ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका देकर पूछा है कि साल 1993 मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट में दोषी ठहराये गए अभिनेता संजय दत्त को किस आधार पर जल्द रिहाई दी गई। पेरारिवलन ने दो 9 वोल्ट की बैटरी मुहैया कराईं थीं जिनका इस्तेमाल उस बम में हुआ था जिससे राजीव गांधी की हत्या की गई।
राजीव गांधी हत्याकांड के अपराधी ने संजय दत्त की रिहाई पर उठाए सवाल, पूछा- 'छूट देने का फैसला किसका?'
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एजी पेरारिवलन फिलहाल चेन्नई की पुजहल सेंट्रल जेल में कैद है। उसे 19 साल की उम्र में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह पिछले 29 सालों से जेल में सजा काट रहा है। उसने अपने वकील निलेश उइके की ओर से पिछले हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
दरअसल एजी पेरारिवलन की याचिका के अनुसार, मार्च 2016 में उसने यरवदा जेल के साथ एक आरटीआई आवेदन दायर किया, जिसमें संजय दत्त की जल्द रिहाई पर जानकारी मांगी गई थी। आरटीआई याचिका में, उसने यह भी जानना चाहा कि क्या संजय दत्त को छूट देने का फैसला करने से पहले केंद्र और राज्य सरकार की राय ली गई थी?
जवाब नहीं मिलने पर पेरारिवलन अपीलीय प्राधिकरण के पास पहुंचा जिसने यह कहते हुए उसे सूचना देने से इनकार कर दिया कि इसका संबंध तीसरे व्यक्ति से है। फिर वह राज्य सूचना आयोग पहुंचा जिसने ‘अपर्याप्त और अस्पष्ट’ आदेश जारी किया। तब उसने बाम्बे हाईकोर्ट की तरफ रुख किया।
256 दिन पहले रिहा हुए संजय दत्त
संजय दत्त को 2006-2007 में विशेष अदालत ने हथियार कानून के तहत दोषी ठहराया था और उन्हें छह साल की कैद की सजा सुनायी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर मुहर लगायी थी लेकिन कारावास की अवधि घटाकर पांच साल कर दी थी। मई 2013 में संजय दत्त ने यरवदा जेल में अपनी सजा पूरी करने के लिए आत्मसमर्पण किया था। सजा के दौरान उन्हें कई मौको पर छुट्टी और पेरौल दिया गया तथा 25 फरवरी, 2016 को उन्हें 256 दिन पहले रिहा कर दिया गया था।
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