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रामायण सिखाएगी, क्या करना है और महाभारत सिखाएगी, क्या नहीं करना है: पुनीत इस्सर
मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: प्रतीक्षा राणावत
Updated Mon, 30 Mar 2020 11:10 AM IST
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puneet issar
- फोटो : instagram
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80 के दशक में बी आर चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक 'महाभारत' में दुर्योधन का किरदार निभाने वाले कलाकार पुनीत इस्सर ने कोरोना वायरस की तुलना कौरवों से की है। पुनीत कहते हैं कि महाभारत की लड़ाई आज से लगभग 5000 साल पहले द्वापर युग में लड़ी गई थी। उन्होंने कहा, 'उस समय पांडवों ने कौरवों का सामना किया था। लेकिन आज दुश्मन की शक्ल बदल चुकी है। तब दुश्मन कौरव थे, और कलयुग में दुश्मन कोरोना है। इन दोनों में एक गहरा नाता है। हम सभी को घर में रहकर इस वायरस का सामना करना है। यह जिंदगी और मौत की लड़ाई है।'
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महाभारत और रामायण के दृश्य
- फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना महामारी से घरों में कैद लोगों ने सरकार से 'रामायण' और 'महाभारत' जैसे धार्मिक टीवी कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने की गुहार लगाई थी। लोगों की मांग को देखते हुए सरकार ने इन धारावाहिकों को टीवी चैनल दूरदर्शन पर फिर से प्रसारित करने का फैसला लिया है। इस फैसले से अभिनेता पुनीत इस्सर बहुत खुश हैं।
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पुनीत इस्सर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वह कहते हैं, 'यह बहुत बड़ी बात है कि इतने साल बाद भी इस शो का प्रभाव कायम है। उस समय में जब शो प्रसारित होता था, तब उसे देखने के लिए गलियां खाली हो जाती थीं। इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है। आज भी कुछ वैसा ही माहौल है। मुझे आशा है कि रामायण और महाभारत लोगों को एक साथ लाएंगे और गलियों से दूर रखेंगे।'
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पुनीत इस्सर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आज की सोशल मीडिया वाली पीढ़ी का जिक्र करते हुए पुनीत इस्सर कहते हैं कि नई पीढ़ी को इन कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। वह कहते हैं, 'मुझे भरोसा है कि 'रामायण' लोगों को सिखाएगी कि क्या करना है, और 'महाभारत' बताएगा कि क्या नहीं करना है? इनके हर संवाद का एक मतलब होता है। आजकल हम देखते हैं कि हर घर में कोई जिद्दी बच्चा होता है, उधर मां बाप भी होते हैं, अच्छे बच्चे भी होते हैं और कुछ शकुनी जैसे लोग भी होते हैं। अब इन कार्यक्रमों के जरिए लोग इन लोगों को पहचानने में समर्थ रहेंगे।'
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