अभिनेत्री श्रेया नारायण आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। बेहद कम लोग जानते हैं कि वह इस देश के प्रथम राष्ट्रपति यानि डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पड़पोती हैं। यूं तो श्रेया ने फिल्मों में छोटे किरदार निभाए, लेकिन सभी किरदार दर्शकों को बेहद पसंद आए। श्रेया आज जिस मुकाम पर हैं, उन्हें किसी भी परिचय की जरूरत नहीं है। चलिए आज हम आपको अभिनेत्री के जन्मदिन पर उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं...
Shreya Narayan: देश के पहले राष्ट्रपति से है 'साहेब बीवी और गैंगस्टर' की इस एक्ट्रेस का नाता, आपको पता है?
भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद बिहार से ताल्लुक रखते थे। लोग उनके बारे में कई बातें जानते हैं, लेकिन शायद ही लोगों को यह मालूम होगा कि आज उनके परिवार की एक बेटी बॉलीवुड एक्ट्रेस हैं। मुजफ्फरपुर में जन्मी श्रेया को तिग्मांशु धुलिया की फिल्म 'साहेब बीवी और गैंगस्टर' में महुआ के रोल से पहचान मिली। अभिनेत्री के साथ ही श्रेया लेखिका और समाजसेविका भी हैं।
बता दें कि सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले शो ‘पाउडर’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाली श्रेया ने कई बॉलीवुड फिल्मों में काम किया, जिनमें एक दस्तक, नॉक आउट, तनु वेड्स मनु, सुपर नानी, रॉकस्टार, राजनीति जैसी फिल्में शामिल हैं। साल 2011 में आई तिग्मांशु धूलिया की फिल्म साहेब बीवी और गैंगस्टर से श्रेया को फिल्मी जगत में नई पहचान मिली। हाल ही में उन्होंने सुपर नानी में दिमागी तौर पर बीमार लड़की का किरदार निभाया, जिसकी लोगों ने खूब सराहना की। श्रेया कोसी नदी बाढ़ के दौरान प्रकाश झा के साथ बिहार बाढ़ राहत मिशन में भी काम कर चुकी हैं।
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गुलाबी शहर जयपुर में पली-बढ़ी श्रेया नारायण का नाम बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस में शुमार हैं। एक वक्त था, जब श्रेया पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अभिनेत्री जब अपने करियर की बुलंदियों को छू रही थीं, तब उनकी मां कैंसर से पीड़ित थीं, जिससे उनकी मौत हो गई। श्रेया ने थिएटर के सहारे अपने जीवन को एक नई दिशा और राह दी।
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मीडिया से बातचीत के दौरान अभिनेत्री श्रेया ने बताया था कि जब तक आप फिल्म इंडस्ट्री में कुछ बन नहीं जाते, तब तक आपका शोषण होता है। श्रेया का कहना है कि कलाकार अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हैं तो आपको ऐसा तरीका मिल जाता है, जिससे आप अपनी शख्सियत को किसी फिल्मी किरदार में ढालकर उसे फिल्म खत्म होने के बाद छोड़ सकते हैं। जब मैं अपनी मां से मिलने अस्पताल जाती तो मैं जिम्मेदारी बेटी होती थी और जब मैं उन्हें छोड़कर शूटिंग पर जाती तो मैं बस वह किरदार बन जाती थी, जिसे मैं निभा रही होती थी। ऐसा करने से आप अपनी भावनाओं पर पूरी तरह नियंत्रण रख पाते हैं।
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