फिल्म 'लाइगर' के ट्रेलर लांच पर जब सादा कपड़ों और हवाई चप्पल में विजय देवरकोंडा पहुंचे तो लोगों ने उनकी खूब वाहवाही की। बाद में पता चला कि उनकी ये अदा तो बनावटी है और ये उनकी सहजता नहीं बल्कि फिल्म की मार्केटिंग का एक टोटका है, उसके बाद फिल्म का क्या हुआ, सबको पता है। मुंबई में ऐसे किस्से रोज होते हैं। कभी रणवीर सिंह मंच पर निर्देशक सुभाष घई के पैर छूते इन दिनों दिख रहे हैं तो कभी ऋतिक रोशन किसी प्रशंसक की पैलगी करते दिखते हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में पैर छूने के इस नए ट्रेंड को इस बार आगे बढ़ाते दिखे गायक पवनदीप राजन। उत्तराखंड के पवनदीप राजन और जुबिन नौटियाल अंतर्राष्ट्रीय संगीतकार और गायक बन गए हैं। दोनों एक नेपाली फिल्म का हिस्सा बने हैं और इस फिल्म के कार्यक्रम में ही पवनदीप की सादगी लोगों का दिल जीत ले गई।
Pawandeep Rajan: रणवीर और ऋतिक के बाद अब पवनदीप ने की पैलगी, जुबिन के इस गाने के साथ बन गए संगीतकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई के सिनेमाघर में नेपाली फिल्म 'प्रेम गीत 3' का ट्रेलर लांच हुआ। इंडियन आइडल के विजेता रहे गायक पवनदीप राजन 'प्रेम गीत 3' के हिंदी संस्करण के जरिए बतौर संगीतकार सिनेमा में कदम रख रहे हैं। इस फिल्म के लिए उन्होंने रोमांटिक गीत "कोई न कोई नाता है" कंपोज किया है जिसे जुबिन नौटियाल ने गाया है। पवनदीप कहते हैं, 'ये मेरे लिए सपने के सच होने जैसा एहसास है। फिल्म को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं जैसा म्यूजिक कम्पोज करना चाह रहा था, वैसा कर पाया।'
पवन दीप राजन खुद भी गायक है फिर भी उन्होंने अपने संगीत निर्देशन में जुबिन नौटियाल से फिल्म का गाना गवाया है। पवनदीप कहते हैं, 'जुबिन नौटियाल की आवाज इस गीत के लिए परफेक्ट थी, वह हम से सीनियर हैं। हम दोनों उत्तराखंड से हैं, उनके साथ काम करना भी एक यादगार अनुभव रहा। मैं अपनी इस यात्रा से काफी खुश हूं, जुबिन नौटियाल से मुझे काफी कुछ सीखने को मिला।'
पवनदीप को संगीत के साथ साथ संस्कार भी विरासत में मिले हैं। पवनदीप राजन ने जब आगंतुकों में अभिनेता शिवाजी साटम और महेश मांजरेकर को बैठे देखा तो वह उनके पास आए और चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लिया। शिवाजी साटम और महेश मांजरेकर ये देख प्रफुलल्लित भी दिखे। ट्रेलर लांच के दौरान भी जब पवन दीप राजन को मंच पर आमंत्रित किया गया तो वहां भी सबके चरण स्पर्श करके अभिवादन किए।
पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन और ताऊ सतीश राजन ने बचपन से ही उन्हें संगीत की तालीम दी। उनके दादा रति राजन भी अपने समय के प्रसिद्ध लोकगायक थे। उनके पिता कुमाऊं के मशहूर गायक हैं। वहीं, उनकी नानी भी लोक गायिका थीं। इसके अलावा उनकी बहन ज्योतिदीप भी एक गायिका हैं। पवनदीप ने बहुत कम्र उम्र से ही तबला बजाना शुरू कर दिया था। इस हुनर को उनके पिता ने पहचाना और इसके लिए उन्हें प्रोत्हासित भी किया। पवनदीप अब पियानो से लेकर ढोलक, ड्रम, कीबोर्ड और गिटार जैसे कई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बड़े ही आसानी से बजा लेते हैं।