अभिनेता अजय देवगन यानी विशाल देवगन आज (दो अप्रैल) को अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। उनका जन्म 2 अप्रैल 1969 को पंजाब में हुआ था। अजय ने महज 22 साल की उम्र में बॉलीवुड में एंट्री की थी और बतौर लीड हीरो फूल और कांटे उनकी पहली फिल्म थी। उन्होंने अपने करियर में गंभीर भूमिकाओं से लेकर एक्शन और कॉमेडी सभी में तरह के किरदार निभाए हैं और आज अपने दमदार अभिनय के बल पर ही वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारों में से एक हैं। इसके अलावा अजय देवगन को दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। अगर बात उनके हिंदी सिनेमा में करियर की करें तो आप पाएंगे कि हाल ही के कुछ वर्षों में फिल्में चुनने का उनका तरीका पहले से काफी बदल गया है। वह पहले के मुकाबले फिल्मों के चयन में भी काफी सेलेक्टिव हो गए हैं।
Ajay Devgn: पहले आशिक मिजाज फिल्में करते थे अजय, फिर बदला चयन का तरीका, अब देशभक्ति के प्रेम में डूबे
अजय देवगन ने साल 1991 में फिल्म फूल और कांटे से बतौर लीड एक्टर शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई फिल्में कीं, जिनमें जिगर, एक ही रिश्ता, दिव्य शक्ति, प्लेटफॉर्म, संग्राम, दिल है बेताब, बेदर्दी, धनवान, दिलवाले, कानून, विजयपथ, सुहाग, नाजायज, हलचल, गुंडाराज, हकीकत, इश्क, प्यार तो होना ही था, होगी प्यार की जीत, गैर, राजू चाचा, तेरा मेरा साथ रहे, हम किसी से कम नहीं आदि फिल्में शामिल हैं। यह सिलसिला आज भी जारी है, लेकिन अगर हम इन सभी फिल्मों पर ध्यान दें तो इनमें एक चीज सबसे ज्यादा कॉमन मिलेगी, वह है लव एंगल। अजय देवगन की पहले ज्यादातर फिल्में लव और क्राइम थ्रिलर होती थीं।
मुहब्बत के बाद देशभक्ति के रंग में डूबे अजय
अगर अजय देवगन की शुरुआती फिल्मों की बात करें तो उन्होंने एक बेटे, प्रेमी और भाई के किरदार निभाए। साल 1994 में आई फिल्म 'दिलवाले' में उनके अपोजिट अभिनेत्री रवीना थीं। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे प्रेमी का किरदार अदा किया था, जिसे कत्ल के झूठे आरोप में फंसा दिया जाता है और जिसके बाद वह अपना मानसिक संतुलन खो देता है। इस फिल्म में सुनील शेट्टी का भी अहम रोल था। फिलहाल समय के साथ उनके फिल्मों के चयन में बदलाव देखने को मिला और अब ज्यादातर फिल्मों में देशभक्ति का रंग देखने को मिलता है। चाहे वह साल 2001 में आई फिल्म द लिजेंड ऑफ भगत सिंह हो या फिर जमीन और एलओसी कारगिल।
बदल गया फिल्म जॉनर सेलेक्ट करने का तरीका
पहले अजय देवगन की फिल्में लव और क्राइम थ्रिलर बेस्ड होती थीं। इसके बाद उन्होंने कॉमेडी फिल्मों की तरफ रुख किया, जैसे गोलमाल, गोलमाल रिटर्न। अगर हाल ही की फिल्में देखें तो अब उनकी फिल्मों में ज्यादातर देशभक्ति का रंग और इतिहास दर्शाती हुई कहानियां देखने को मिलेंगी। हाल ही में उनकी फिल्म तानाजी आई थी, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे प्रिय और भरोसेमंद सैनिक तानाजी पर आधारित थी। इसी तरह से फिल्म आरआरआर में भले ही उनकी भूमिका 10 से 15 मिनट की हो, लेकिन यह भी एक हिस्टोरिकल जॉनर की फिल्म है।
अगर अजय देवगन की फिल्मों की बात की जाए तो अपने करियर की शुरुआत में वह एक साल में एक के बाद एक कई फिल्में करते थे। साल 1993 में अजय देवगन की तकरीबन सात से आठ फिल्में रिलीज हुई थीं। इसी तरह से साल 1994 में भी उनकी कई फिल्में आईं। हालांकि, धीरे-धीरे उन्होंने साल में अपनी फिल्मों की संख्या घटानी शुरू कर दी। अब साल में उनकी सिर्फ एक या दो फिल्में ही आती हैं और उनका लुक भी पहले से काफी बदल गया है। इस तरह अजय देवगन ने समय के हिसाब से अपने लुक के साथ-साथ करियर को लेकर भी कई चीजों में बदलाव किया है।