कोरोना काल में अमर उजाला ने सिर्फ अपने पाठकों तक हर खबर सबसे सटीक और तेजी से पहुंचा रहा है बल्कि अपने दर्शकों के मनोरंजन का भी पूरा ख्याल रख रहा है। ऐसे में अमर उजाला ने बॉलीवुड अभिनेत्री व निर्माता अनुष्का शर्मा से, अभिनेत्री के भाई कर्णेश शर्मा, फिल्म बुलबुल की निर्देशक अनविता दत्त और सृष्टि बहल (डायरेक्टर- इंटरनेशनल ओरीजिनल्स- नेटफ्लिक्स) से खास बातचीत की।
Exclusive: सिनेमा से ऐसे जुड़ गए अनुष्का शर्मा के भाई कर्णेश, अनविता दत्त और सृष्टि बहल ने भी खुलकर की बात
सृष्टि बहल
- नेटफ्लिक्स के भारतीय ऑडियंस को लेकर प्लानिंग पर सृष्टि ने बताया कि हमें वो कहानी देखनी हैं, जो जनता को देखनी है। कभी हमारा मूड होता है कि हमें कुछ सीरियस देखना है, कभी हमें लगता है कि हमें कुछ सीखना है और कभी दिल करता है कि सिर्फ हंसना है। ऐसे में हम चाहते हैं कि नेटफ्लिक्स पर सब कुछ मौजूद रहे।
- इसके अलावा सृष्टि का मानना है कि भारत में सबसे अच्छे स्टोरी टेलर्स मौजूद हैं। इसके अलावा सृष्टि कहती हैं कि हमारा काम सिर्फ एक माध्यम बनने का है कि निर्देशक आजादी के साथ अपनी कहानी दर्शकों तक पहुंचा सकें।
- नेटफ्लिक्स की टारगेट ऑडियंस के बारे में सृष्टि कहती हैं कि आप कहीं पर भी हो, कहीं के भी हो, लेकिन अगर आपको कोई अच्छी कहानी देखने को मिलेगी तो आप जरूर देखेंगे। ऐसे में फर्क नहीं पड़ता है कि आप मुंबई में बैठे हैं या कहीं और। हां, जगह का थोड़ा बहुत फर्क पड़ता है लेकिन इंसान की भावनाएं एक जैसी होती हैं। यानी ऐसा नहीं है कि नेटफ्लिक्स सिर्फ मेट्रो तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हर शहर के लिए मौजूद है और नेटफ्लिक्स की कोशिश है कि छोटे से छोटे शहर तक हमारा कंटेंट पहुंचे।
कर्णेश शर्मा
- अनुष्का शर्मा के भाई कर्णेश शर्मा ने बहन के साथ क्रिएटिव डिफरेंस को मैनेज करने के बारे में कहा कि अधिकतर हमारे व्यूज एक जैसे होते हैं, लेकिन कई बार अगर कुछ क्रिएटिव डिफरेंस आता है तो हम फिर निर्देशक को अपनी अपनी बात बताते हैं, क्योंकि निर्देशक से अच्छा उसकी कहानी को कोई नहीं समझता और आखिर में जो भी फैसला होता है वो मिलजुल कर होता है।
- 'अगर कोई क्लीन स्लेट फिल्म्स (अनुष्का और कर्णेश का प्रोडक्शन हाउस) के साथ काम करना चाहे तो उसे क्या करना होगा' के सवाल पर कर्णेश कहते हैं कि मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट पर मेरी ईमेल आईडी है, तो कोई भी मुझे उसकी मदद से संपर्क कर सकता है। मेरे पास कई कहानियां आती हैं, मैं पढ़ता हूं उसके सिनोप्सिस को, अच्छा लगता है तो बात आगे बढ़ती है वरना नहीं।
- सिनेमा में एंट्री पर कर्णेश शर्मा ने कहा कि मैं दस साल तक मर्चेंट नेवी में था, लेकिन मैं उसके बाद कुछ और करना चाहता था। वहीं बहन (अनुष्का) के साथ भी मेरी अक्सर फिल्मों को लेकर बात होती थी, हमारे यहां पर कैसी फिल्में बन रही हैं और इसको बदलना चाहिए और इसके बाद ही धीरे धीरे ये सफर आगे बढ़ा और हम एक साथ प्रोडक्शन की दुनिया में आ गए। वहीं अनुष्का ने इस बारे में कहा कि कर्णेश का सेंस ऑफ मूवीज बहुत स्ट्रॉन्ग रहा है। अक्सर मेरी फिल्मों की स्क्रिप्ट भी वो पढ़ते थे, बाकी सिनेमा में मैं किसी और से भी नहीं कहती थी कि क्या ये करूं या नहीं।
अनविता दत्त
- बुलबुल में एक महिला के बदला लेने की बात पर फिल्म की निर्देशक अनविता दत्त ने कहा कि कहानी के लिए ऐसा जरूरी था, हालांकि हम इसको आम चीजों से नहीं तौल सकते कि ऐसा होगा तो ही महिला अपने लिए लड़ सकती है। अनविता ने आगे कहा कि हकीकत में जो चीजें होती हैं वो काफी दर्दनाक होती हैं, ऐसे में मुझे कम वक्त में अधिक से लोगों की जिंदगी को पर्दे पर लाना था। वहीं बुलबुल को मिली प्रतिक्रिया पर अनविता ने कहा कि फिल्म को बहुत प्यार मिला और मैं बहुत खुश हूं।
- बुलबुल की मुख्य किरदार (तृप्ति) के पूरी फिल्म में अलग अलग रूप देखने को मिलते हैं, कहीं वो देवी समान दिखती है तो वहीं दूसरी ओर वो पति से पिटती भी दिखती है। ऐसे मल्टीडाइमेंशनल किरदारों के बारे में अनविता कहती हैं कि ये सब एक आम लड़की के किरदार हैं। वो प्यार करती है, वो सेंसेटिव है, वो गुस्सा भी करती है और वो सहती भी है।
अमर उजाला के खास बातचीत में कर्णेश शर्मा, फिल्म बुलबुल की निर्देशक अनविता दत्त और सृष्टि बहल के साथ ही अनुष्का शर्मा ने भी खुलकर बातचीत की। अनुष्का शर्मा का इंटरव्यू आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
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