15 फरवरी 1969 को अमिताभ बच्चन ने अपने करियर की पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी साइन की जो 7 नंबवर 1969 को रिलीज हुई। आज अमिताभ बच्चन को सिनेमा में पूरे 50 साल हो गए हैं। ऐसे में जानिए उनकी पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी का किस्सा। फिल्म की शूटिंग की कहानी भी काफी दिलचस्प है। फिल्म एक महिला क्रांतिकारी के नजरिए से आगे बढ़ती है जो अस्पताल में लेटे-लेटे उन पुराने दिनों को याद करती है जब देश के अलग अलग धर्मों और इलाकों से आए उसके साथियों ने मिलकर गोवा को पुर्तगालियों से आजादी दिलवाई थी।
इस वजह से 7 दिन बिना नहाए रहे थे अमिताभ, ऐसा जुनून देख इस शख्स ने कहा था- 'तुम बहुत आगे जाओगे'
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अमिताभ बच्चन बिहार के एक मुसलमान युवक अनवर अली का रोल कर रहे थे। फिल्म का बजट काफ़ी कम था और ऐसे में मशहूर मेक अप आर्टिस्ट पंधारा जूकर बीना फ़ीस के काम करने के लिए तैयार हो गए लेकिन वो बहुत व्यस्त रहते थे। केए अब्बास एक किताब के विमोचन पर अमिताभ ने अपनी पहली फिल्म का किस्सा सांझा किया था। शूटिंग मुंबई में नहीं गोवा में थी। मेकअप आर्टिस्ट जूकरजी ने कहा कि मेरे पास शूटिंग से एक हफ़्ते पहले का समय है तो मैं अमिताभ की दाढ़ी एक हफ़्ते पहले लगाकर चला जाऊँगा। उन दिनों मेक अप का काम उतना विकसित नहीं था। एक एक बाल जोड़कर दाढ़ी बनती थी। मैं एक हफ़्ते तक दाढ़ी लगाकर घूमता रहा। एक हफ़्ते तक नहाया तक नहीं कि दाढ़ी निकल न जाए।"
मेकअप आर्टिस्ट पंढ़री जुकर ने एक बार कहा था- 'मुझे याद है अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म की शूटिंग गोवा में चल रही थी और मैं इस फिल्म के सभी कलाकारों का मेकअप कर रहा था। अमिताभ को मैंने दाढ़ी लगाई थी और अचानक मुझे किसी जरूरी काम से 7 दिन के लिए अपने घर मुंबई जाना पड़ा था। तब मैंने अमिताभ को पूछा था कि अब तुम क्या करोगे, क्योंकि मैं तो गोवा में नहीं हूँ। तब अमिताभ ने कहा था कि मैं इस मेकअप को संभाल कर रखूँगा। पूरे 6 दिन अमिताभ चेहरे के नीचे पानी डालकर नहाते थे और अपने उसी लुक के साथ उन्होंने 6 दिन बिना मुँह धोए लगातार शूटिंग की।'
मैं जब 6 दिन बाद उनसे मिला तो वो दाढ़ी उनके चेहरे पर सही सलामात थी। वो कैसे सोता होगा? कैसे खाना खाता होगा, ये सब सोच कर मैं बहुत हैरान हुआ था। तब मैंने उसको कहा था कि तुम बहुत आगे तक जाओगे। तुम्हारा काम के लिए ये प्रेम तुम्हें एक दिन सुपरस्टार बनाएगा। फ़िल्म में अमिताभ के काम की बहुत तारीफ़ हुई थी। एक नए कलाकार के लिए वो मुश्किल रोल था। फ़िल्म में एक ही महिला किरदार था जिसे अभिनेत्री शहनाज ने निभाया था।
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया था, "उनकी आवाज जरूर शानदार थी लेकिन उन्हें देखकर मुझे उस वक्त तो कम से कम कतई नहीं लगा कि ये दुबला पतला, लंबा इंसान कभी सुपरस्टार बन पाएगा। सेट पर वो बिलकुल खामोश रहते थे. फिर फिल्म के एक सीन में उन्हें पुर्तगाली टॉर्चर कर रहे हैं उनका पांव काट दिया गया है और वो रेंग रहे हैं। ये सीन उन्होंने जब किया तो सेट पर मौजूद सारे लोग तालियां बजाने लगे और तब मुझे अहसास हुआ कि ये बंदा काफी दूर तक जाएगा।" अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म होने के अलावा भी सात हिंदुस्तानी बहुत अहम फिल्म रही जो राष्ट्रीय एकता, क्षेत्रीयवाद और भाषाओं की दीवारों को लांघती एक फिल्म थी जिसे राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार भी मिला।