एक लंबे अरसे के बाद भी आखिर क्या वजह है कि अमिताभ बच्चन का जादू कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बॉलीवुड के कितने ही सितारे आए और गए, लेकिन अमिताभ बच्चन बॉलीवुड में अपनी उपस्थिति ज्यों की त्यों बनाए हुए हैं। ऐसा नहीं है कि अमिताभ को ये मुकाम आसानी से मिल गया। इसके लिए उन्होंने बॉलीवुड में उसी तरह संघर्ष किया जैसे अन्य सितारे अक्सर करते हैं।
हॉलीवुड डायरेक्टर की इस ट्रिक से 'महानायक' बन गए अमिताभ, इस शख्स ने दिया था ये मौका
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उनके करियर की शुरुआत ही संघर्ष से हुई और सारी जिंदगी उन्हें उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। बहुत कम लोगों को पता होगा कि आज अपनी शानदार आवाज के लिए पहचाने जाने वाले अमिताभ बच्चन को किसी समय में आकाशवाणी के समाचार वाचक की स्वर परीक्षा में असफल घोषित कर दिया गया था। वे फिल्मों में जब कभी काम मांगने जाते थे तो उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता था।
निर्देशकों का मानना था दुबले-पतले और सामान्य से अधिक लंबाई वाले अमिताभ में कोई ऐसी क्वालिटी नहीं थी कि फिल्मी पर्दे पर लोग उन्हें पसंद करेंगे। 'सात हिन्दुस्तानी' और 'रेशमा और शेरा' जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे रोल में उन्होंने अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी थी।
शुरुआत में अमिताभ को फिल्में मिलीं तो सही मगर उनकी ज्यादातर फिल्में या तो फ्लॉप रहीं या फिर औसत चलीं। उन्हें पहली सफलता प्रकाश मेहरा की फिल्म 'जंजीर' से मिली। प्रकाश मेहरा ने एक हॉलीवुड के निर्देशक की उक्ति सुनी थी कि एक दुबले-पतले व्यक्ति के हाथ में बंदूक थमा दो- वह फिल्म सुपरहिट हो जाएगी।
प्रकाश मेहरा ने ऐसा ही किया और 'जंजीर' सुपरहिट हो गई और इस तरह से परदे पर एक नया अवतार सामने आया- एंग्री यंग मैन का। इसने बॉलीवुड की सारी दिशा ही बदल दी। आज अमिताभ सदी के महानायक, बिग बी, बॉलीवुड के सरताज, शहंशाह और एक ब्रांड के रूप में जाने जाते हैं।