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तेजी बच्चन ने सोनिया गांधी का मां की तरह रखा था ख्याल, ऐसे खत्म हुआ था अमिताभ-राजीव का रिश्ता
गांधी परिवार और बच्चन परिवार के रिश्तों के बीच आज भले ही खटास हो लेकिन एक वक्त ऐसा था जब दोनों परिवारों के बीच गहरे संबंध थे। ये दोस्ती लंबे समय तक चली। अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन और इंदिरा गांधी बहुत अच्छी दोस्ती थीं। तेजी बच्चन एक सोशल एक्टिविस्ट के रूप में सक्रिय थीं और जाना-पहचाना चेहरा बन गईं। आज उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
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तेजी बच्चन और इंदिरा गांधी
- फोटो : फाइल फोटो
तेजी बच्चन ने मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन से शादी की थी। वो हरिवंश राय बच्चन की दूसरी पत्नी थीं। तेजी बच्चन के दो बेटे अमिताभ बच्चन और अजिताभ बच्चन हैं। साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या से पहले तक दोनों के रिश्ते बेहद घनिष्ठ रहे। यही नहीं अमिताभ और राजीव गांधी की दोस्ती भी मशहूर रही। आज हम दोनों परिवारों के बीच दोस्ती का ऐसा ही एक किस्सा बताने जा रहे हैं।
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तेजी बच्च्न और अमिताभ बच्चन
- फोटो : फाइल फोटो
राजीव गांधी इटली की रहने वालीं सोनिया गांधी को पसंद करने लगे थे और उनसे शादी करना चाहते थे। शादी के इरादे से राजीव गांधी सोनिया को लेकर भारत पहुंचे। 13 जनवरी 1968 की सुबह दिल्ली की कड़ाके की सर्दी में अमिताभ बच्चन उन्हें पालम एयरपोर्ट पर लेने पहुंचे थे। इस दिन सोनिया, राजीव गांधी की मंगेतर के रूप में भारत आई थीं।
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तेजी बच्चन, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी
- फोटो : फाइल फोटो
इंदिरा गांधी एक विदेशी को अपने घर की बहू के रूप में स्वीकार करने के लिए राजी नहीं हो रही थीं। खबरों के मुताबिक, तेजी बच्चन ने ही इंदिरा गांधी को मनाने का काम किया। उन्होंने ही राजीव गांधी और सोनिया गांधी की शादी की तैयारियां की थीं। 1969 में सोनिया गांधी और राजीव गांधी की शादी पक्की हो गई। शादी के बाद सोनिया और उनका परिवार कुछ दिनों के लिए, विलिंगडन क्रीसेंट स्थित बच्चन परिवार के आवास पर ही ठहरा।
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तेजी बच्चन
- फोटो : फाइल फोटो
सोनिया गांधी के भारत आने के बाद तेजी बच्चन ने ही उनकी मां का रोल निभाया। उन्होंने सोनिया को भारतीय संस्कृति और तौर तरीकों से वाकिफ कराया। दोनों परिवारों के बीच रिश्ते तब और गहरे हो गए जब 1984 में राजीव गांधी ने अमिताभ बच्चन को इलाहाबाद सीट से चुनाव मैदान में उतारा। अमिताभ बच्चन चुनाव जीतकर एक मशहूर चेहरा बन गए थे। बोफोर्स घोटाले में नाम आने के बाद दोनों के बीच मतभेद पैदा हो गए। 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद दोनों परिवारों के रिश्ते बिगड़ते चले गए। गांधी परिवार को महसूस हो रहा था कि बुरे वक्त में अमिताभ बच्चन उन्हें अकेला छोड़कर चले गए।
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