फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अफगानिस्तान: ‘खुदा गवाह’ की शूटिंग में इन खतरों से गुजरे बिग बी, फाइटर जेट्स के साये में हुई शूटिंग

Tue, 17 Aug 2021 09:09 PM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Tue, 17 Aug 2021 09:09 PM IST
विज्ञापन
Amitabh Bachchan recalled shooting Khuda Gawah in Afghanistan's 'extremely troubled times
खुदा गवाह - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

अफगानिस्तान पर अब तालिबान का कब्जा है। और, इसी अफगानिस्तान के मजार ए शरीफ के इलाके में कभी शूट हुई थी अमिताभ बच्चन-श्रीदेवी की फिल्म ‘खुदा गवाह’। इस फिल्म की शूटिंग के लिए अमिताभ बच्चन जब अफगानिस्तान पहुंचे थे तो वहां के राष्ट्रपति नजीबुल्ला अहमदजई ने उनकी खातिरदारी अपने निजी मेहमान की तरह की थी। अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म को याद करते हुए कुछ साल पहले अपने ब्लॉग पर लिखा था, “मुझे नहीं पता कि अब मेरे मेजबान कहां है? अक्सर मेरे दिल में ये ख्याल आता है कि वे कहां होंगे?” अमिताभ बच्चन की हिफाजत के लिए लड़ाई में इस्तेमाल होने वाले सैन्य हेलीकॉप्टर और अपना निजी सुरक्षा दस्ता मुहैया कराने वाले नजीबुल्ला 1987 से 1992 तक अफगानिस्तान के राष्ट्रपति रहे। सितंबर 1996 में तालिबान ने ही उनका बहुत क्रूरता के साथ कत्ल कर दिया।

Amitabh Bachchan recalled shooting Khuda Gawah in Afghanistan's 'extremely troubled times
खुदा गवाह - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान के उन दिनों के हालात पर अपने एक लेख में खुद अमिताभ बच्चन लिखते हैं, “सोवियत के लोग देश छोड़कर जा चुके थे और सत्ता आ चुकी थी नजीबुल्ला अहमदजई के हाथों जो खुद लोकप्रिय हिंदी सिनेमा के बड़े वाले प्रशंसक थे। वह मुझसे मिलना चाहते थे और हमारा आदर सत्कार बिल्कुल शाही अंदाज में हूआ। हमारा मजार ए शरीफ में वीवीआईपी स्वागत हुआ और हमने उस बेहद खूबसूरत देश को एयरफोर्स के जहाजों के साये में करीब करीब पूरा मथ डाला था। हमें कहा गया कि हम होटल में नहीं रुकेगें। हमारे लिए किसी ने अपना पूरा महल खाली कर दिया और जब तक हम रहे वह पास में ही किसी दूसरे घर में रहता रहा...।”

Amitabh Bachchan recalled shooting Khuda Gawah in Afghanistan's 'extremely troubled times
खुदा गवाह - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

अफगानिस्तान की कुछ लोकेशंस ऐसी भी थी जहां सिर्फ घोड़ों के जरिये पहुंचा जा सकता था और तब अमिताभ बच्चन और उनके काफिले को छोटे छोटे हवाई जहाजों से नेपाल की सीमा तक पहुंचाया जाता और वहां से पूरी यूनिट घोड़ों की पीठ पर लोकेशन तक पहुंचती। कुछ रातें अमिताभ बच्चन ने लोकेशन पर ही मिट्टी के बने ऐसे घरों में बिताईं, जहां वे खड़े हो जाएं तो सिर छत से टकरा जाता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Amitabh Bachchan recalled shooting Khuda Gawah in Afghanistan's 'extremely troubled times
खुदा गवाह - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

फिल्म ‘खुदा गवाह’ की शूटिंग के दौरान ऐसे भी मौके आए जब पूरी यूनिट पानी के सिर्फ एक नलके से काम चलाती थी और सारा दिशा मैदान सब खुले में ही जाना होता था। और, दूसरी तरफ जब ये लोग वापस बस्ती पहुंचते थे तो हेलीकॉप्टर या जहाज से रुकने की जगह तक किसी को भी पैदल चलकर नहीं जाने दिया जाता। जो भी कबीले का सरदार वहां मौजूद होता, वह अमिताभ बच्चन को गोदी में उठाकर ले जाता। और, इस दौरान 24 घंटे अमिताभ के सिर पर रहता पहरा अफगानिस्तान एयरफोर्स के फाइटर जेट्स का।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed