अभिनेता अन्नू कपूर ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक किरदार निभाए हैं। उनको लोककला, लोक संस्कृति और संगीत का जितना ज्ञान है, उतना शायद ही किसी दूसरे समकालीन अभिनेता को हिंदी सिनेमा में हो, लेकिन क्या आपको पता है कि अन्नू कपूर कभी अभिनेता नहीं बनना चाहते थे। इसके पीछे है एक दुखांत कहानी।
Annu Kapoor: इसलिए पिता को मिला घर निकाला, अन्नू कपूर ने सुनाई, बचपन के संघर्ष को रुला देने वाली दास्तां
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अन्नू कपूर के पिता मदन लाल की अपने जमाने में मशहूर नाटक कंपनी हुआ करती थी। ये उन दिनों की बात है जब नाटक, नौटंकी में काम करने वालों को सामाजिक नजरिए से अच्छा नहीं माना जाता था। इसलिए अन्नू कपूर की मां नहीं चाहती थी कि उनके बच्चों के ऊपर पिता की नाटक कंपनी का साया ना पड़े। वह चाहती थीं कि उनके बच्चे आईपीएस अधिकारी बने, जिससे समाज में उन्हें इज्जत और प्रतिष्ठा मिले।
फिल्म 'सब मोह माया है' के ट्रेलर के दौरान अभिनेता अन्नू कपूर ने अपने अभिनेता बनने के सफर के बारे में बात की । उन्होंने कहा, 'एक्टिंग से जुड़ने का मेरा कोई कारण था। क्योंकि पिता जी की नाटक कंपनी थी, जिसकी वजह से परिवार को सामाजिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। मेरी मां नहीं चाहती थी कि उनके उनके बच्चों के ऊपर नाटक कंपनी की छाया पड़े।'
अन्नू कपूर के पिता एक यात्रा पारसी थिएटर कंपनी के मालिक थे। वह शहरों और कस्बों में नाटक का प्रदर्शन करते थे। अन्नू कपूर कहते हैं, 'पिता जी कोई एक्टर नहीं थे। वह सिर्फ नाटक कंपनी के मालिक थे फिर भी उनकी वजह से हमारे परिवार को सामाजिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। मेरी मां की इच्छा थी कि मैं पढ़ लिखकर आईपीएस अधिकारी बनूं। लेकिन मेरी पढ़ाई बीच में ही छूट गई।और, आईपीएस अधिकारी बनने का सपना अधूरा रह गया।'
अभिनेता अन्नू कपूर ने बताया, 'मेरी दादी को नहीं पसंद था कि पिता जी नाटक कंपनी चलाए। उनके बार -बार मना करने के बाद ही जब पिताजी नहीं माने तो दादी ने उन्हें घर से निकाल दिया। इसकी वजह से हमें आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ा और हमारी पढ़ाई बीच में ही छूट गई। हम तीन भाई और एक बहन है। कुदरत का खेल देखिए ना चाहते हुए भी हम सब आज इंडस्ट्री का हिस्सा है।'