बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर अपनी फिल्मों के अलावा देश के मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखते हैं। सोशल मीडिया पर वह अपने फैंस के साथ अक्सर संवाद करते नजर आते हैं। अनुपम खेर इन दिनों अपने होमटाउन हिमाचल में हैं। यहां से अनुपम खेर कई वीडियोज और तस्वीरें लगातार साझा कर रहे हैं। बीते दिनों अनुपम खेर ने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें हिमाचल के एक लोकल आदमी ने उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया था। अनुपम का ये वीडियो खूब वायरल हुआ था। इसी बीच अनुपम ने एक और भावुक कर देने वाला वीडियो साझा किया है जिसमें वह एक छोटो बच्चे के साथ नजर आ रहे हैं। उनकी बातचीत सुनकर हर कोई भावुक हो रहा है।
दरियादिली: पांच साल के बच्चे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे अनुपम खेर, भावुक करे देगा ये वीडियो
अनुपम बच्चे के साथ रेलवे स्टेशन पर मौजूद हैं। यहां पर बच्चा अनुपम खेर के साथ लगातार ट्रेन और उसके इंजन के बारे में बात कर रहा है। अनुपम खेर बच्चे से कहते हैं कि 'आप तो बहुत बहादुर हो'। इसके बाद अनुपम बच्चे को लेकर ट्रैक पार करते हैं और प्लेटफॉर्म पर घूमने लगते हैं।
बातों-बातों में अनुपम बच्चे से पूछते हैं, "आपके पापा कहां हैं?" इस पर वह जवाब देता है, "वो तो मर गए।" यह सुन अनुपम के पैरों तले जमीन खिसक जाती है और वह भावुक होकर तुरंत बच्चे की मां से पूछते हैं कि उनके पति का देहांत कैसे हुआ? तो जवाब मिलता है एक्सीडेंट में।
इसके बाद अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर ऐलान किया कि वो इस बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे। अनुपम खेर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'पांच वर्षीय हिमांशु से मेरी मुलाकात शिमला के पास जतोग रेलवे स्टेशन पर हुई। उसकी बातों में जानकारी भी थी और सादगी भी। और फिर जिस सरलता से उसने एक बात कही उसने मुझे हिला दिया। मैंने हिमांशु की मां ऊषा से वादा किया है कि @anupamcares इसकी पूरी पढ़ाई का जिम्मा उठाएगा।' अनुपम खेर के इस कदम से उनके फैंस काफी खुश नजर आ रहे हैं। सभी लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
पाँच वर्षीय हिमांशु से मेरी मुलाक़ात शिमला के पास जतोग रेलवे स्टेशन पर हुई।उसकी बातों में जानकारी भी थी और सादगी भी।और फिर जिस सरलता से उसने एक बात कही उसने मुझे हिला दिया💔।मैंने हिमांशू की माँ ऊषा से वादा किया है कि @anupamcares इसकी पूरी पढ़ाई का ज़िम्मा उठाएगा।🙏🌺#मासूमियत pic.twitter.com/AzNU6iPSut
बता दें, शिमला से अनुपम खेर की बचपन की खास यादें जुड़ी हैं इसलिए वह हमेशा मदद के लिए तत्पर रहते हैं। उनके पिता नाभा में रहते हुए क्लर्क की नौकरी करते थे। बचपन शिमला में बीता, इसलिए उन्होंने करीब दो साल पहले शिमला के टुटू स्थित भवन में घर खरीदा था। ये भी उन्होंने ज्ञान चंद टुटू नाम के व्यक्ति के स्वजन से खरीदा है।