मशहूर एक्ट्रेस बबीता शिवदासानी को कौन नहीं जानता। बबीता का जन्म 20 अप्रैल 1947 को मुंबई में हुआ था। अपने छोटे से फिल्मी सफर में बबीता ने कई बड़े सितारों के साथ कामयाब फिल्में कीं लेकिन बाद में फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। बबीता अपनी दौर की कामयाब एक्ट्रेस साधना की भतीजी हैं। कपूर खानदान में शादी करने के बाद बबीता शिवदासानी, बबीता कपूर हो गईं।
उन दिनों बबीता शिवदासानी के पिता के पास स्टूडियो हुआ करता था। जिसकी वजह से उनके घर पर फिल्म वालों का आना जाना लगा रहता था। बबीता को फिल्मों में पहला ब्रेक भी बड़ी आसानी से मिल गया। जीपी सिप्पी एक दिन बबीता के घर आए हुए थे। जीपी सिप्पी ने जैसे ही बबीता को देखा। 'राज' फिल्म के लिए राजेश खन्ना के अपोजिट बबीता को कास्ट कर लिया। हालाकि ये फिल्म ज्यादा कामयाब तो नहीं हुई लेकिन इस फिल्म से बबीता के फिल्मी सफर का आगाज हो गया।
इसके बाद बबीता ने कई सारी फिल्में कीं। ये दौर बबीता फिल्मी सफर का सबसे अच्छा दौर था। तभी बबीता को राजकपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर से प्यार हो गया। बात जब शादी तक आई। तो राज कपूर ने शर्त रख दी। शादी के बाद बॉलीवुड को अलविदा कहना पड़ेगा। दरअसल उस दौरान कपूर खानदान की महिलाएं यानि बहुएं और बेटियां फिल्म अभिनेत्री नहीं हो सकती थीं।
जाहिर है कि बबीता से शादी इस नियम के खिलाफ थी। इसलिए अर्से तक रणधीर और बबीता गुपचुप रूप से अपनी लव स्टोरी को आगे बढ़ाते रहे। हालांकि बबीता ने कह दिया था कि अगर रणधीर कपूर उनसे शादी नहीं करते तो उन्हें भूल जाएं। तब रणधीर को इस शादी के बारे में अंतिम निर्णय लेते हुए शादी के बारे में परिवार से बात करनी पड़ी और पहली बार एक अभिनेत्री कपूर परिवार की बहू बनी।
हालांकि बबीता को अपना चमकदार करियर छोड़ कपूर खानदान की बहू बनना पड़ा। 1971 में बबीता ने रणधीर कपूर से शादी कर ली और घर परिवार की जिम्मेदारी संभालने लगी। शादी के कुछ समय बाद रणधीर कपूर के शराब पीने की आदत से बबीता नाराज रहने लगीं और आखिर वे अपनी दोनों बेटियों को लेकर अलग रहने लगीं। करिश्मा के बाद करीना कपूर आज हिंदी सिनेमा की टॉप अभिनेत्रियों में से एक है।