बॉलीवुड फिल्में अपने गानों के लिए मशहूर रहते हैं। फिल्म में सीन और सिचुएशन के हिसाब से कई गाने होते हैं। कई गाने ऐसे होते हैं जो सालों तक लोगों की जुबां पर चढ़ें रहते हैं। बात जब भी पुराने सदाबहार नगमों की होती है तो वो हमेशा ही दिल को छू लेने वाले होते हैं। ऐसे ही कई दिल को छू लेने वाले गाने आए थे साल 1950 में। इस पैकेज में आपको सुनाएंगे 50 के दशक के सदाबहार नगमे...
'बाबूजी धीरे चलना' से 'ओ लेके पहला पहला प्यार' तक, 50 के दशक के गाने जो आज भी गुनगुनाए जाते हैं
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गाना: बाबूजी धीरे चलना
फिल्म: आर पार
1954 में आई फिल्म 'आर पार' गुरु दत्त के निर्देशन में बनी फिल्म थी। फिल्म में मुख्य भूमिका भी उन्होंने ही निभाई थी। इस फिल्म का ये बाबूजी धीरे चलना लोगों की जुबान पर बसा हुआ है। इस गीत को भी गुरु दत्त की पत्नी गीता दत्त ने ही अपनी आवाज से सजाया था।
गाना: ए दिल मुझे बता दे
फिल्म: भाई भाई
1956 में आई फिल्म 'भाई भाई' में अशोक कुमार, किशोर कुमार, निम्मी, निरुपा रॉय और अभिनेत्री श्यामा थीं। फिल्म का निर्देशन एम वी रमन ने किया था। फिल्म का गाना 'ए दिल मुझे बता दे' गीता दत्त ने गाया था। ये सदाबहार गीत आज भी लोगों की जुबान पर रहता है।
गाना: सैंया दिल में आना रे
फिल्म: बहार
1951 में आई फिल्म 'बहार' का गाना 'सैंया दिल में आना रे' आज भी कई लोगों की पसंद है। इस गाने के कई रीमिक्स वर्जन भी बन चुके हैं। लेकिन असल गीत की बात फिर किसी गाने में नजर नहीं आई। ये गाना अभिनेत्री वैजयन्ती माला पर फिल्माया गया था। गाने को शमशाद बेगम ने अपनी आवाज दी थी।
गाना: ठंडी हवा काली घटा
फिल्म: मिस्टर एंड मिसेज 55
1955 में आई फिल्म 'मिस्टर एंट मिसेज 55' मधुबाला और गुरुदत्त को लेकर बनाई गई थी। फिल्म का गीत ठंडी हवा काली घटा आज भी खूब पसंद किया जाता है। इस गीते को गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त ने अपनी मधुर आवाज दी थी।